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Supreme Court: बीपीएससी अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई की नियुक्ति के खिलाफ याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

Fri, 18 Jul 2025 12:58 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 18 Jul 2025 12:58 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई की नियुक्ति के खिलाफ जनहित याचिका खारिज कर दी।

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SC rejects PIL against appointment of Bihar Public Service Commission chairperson Parmar Ravi Manubhai
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई की नियुक्ति को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका खारिज कर दी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने वकील याचिकाकर्ता ब्रजेश को तथ्यों से परे ऐसी जनहित याचिकाएं दायर करने के लिए आगाह भी किया।
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पीठ ने क्या कहा?
पीठ ने कहा, 'अगर आप जनहित याचिका दायर कर रहे हैं तो आपको इसमें पूरी जान लगा देनी चाहिए। कृपया ऐसे चक्कर में न पड़ें।' शीर्ष अदालत ने 3 फरवरी को याचिका पर बिहार सरकार और मनुभाई से जवाब मांगा था। पीठ ने इस मामले में अधिवक्ता वंशजा शुक्ला को न्यायमित्र नियुक्त किया था।
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नियुक्ति को चुनौती दी गई थी
याचिका में 15 मार्च, 2024 को की गई नियुक्ति को चुनौती देते हुए कहा गया था कि यह केवल बेदाग चरित्र वाले लोगों को ही लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में नियुक्त करने के संवैधानिक आदेश के खिलाफ है। जनहित याचिका में कहा गया है कि परमार बिहार सतर्कता ब्यूरो की ओर से दर्ज कथित भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी हैं। यह मामला पटना के एक विशेष न्यायाधीश के सामने लंबित है।
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भ्रष्टाचार और जालसाजी के गंभीर आरोप
याचिका में कहा गया कि इस प्रकार प्रतिवादी संख्या 2 (परमार) पर भ्रष्टाचार और जालसाजी के गंभीर आरोप हैं। इस प्रकार उनकी ईमानदारी संदिग्ध है, इसलिए उन्हें बीपीएससी का अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए था। इसमें दावा किया गया है कि परमार अध्यक्ष के संवैधानिक पद पर नियुक्ति के लिए आवश्यक बुनियादी पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं क्योंकि उनका चरित्र बेदाग नहीं है।
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