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नई दिल्ली: सुवेंदु अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका, मुकुल रॉय के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से इनकार

Fri, 25 Feb 2022 06:04 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 25 Feb 2022 06:04 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।याचिका में मुकुल रॉय को विधायक के रूप में अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी।

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SC refuses to entertain Suvendu Adhikari plea against WB Speaker decision not to disqualify Mukul Roy
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। याचिका में पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक मुकुल रॉय को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित नहीं किया गया था। जस्टिस एल नागेश्वर राव और बीआर गवई की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वकील की दलीलों को सुनने के बाद, हमारा विचार है कि याचिकाकर्ता स्पीकर के आदेश पर उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।

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शीर्ष अदालत ने इस दलील पर भी गौर किया कि पश्चिम बंगाल की लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष के रूप में मुकुल रॉय का कार्यकाल केवल एक वर्ष के लिए है। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से कहा कि पीएसी में मुकुल रॉय के कार्यकाल वाले मामले का एक महीने के भीतर फैसला करें।अधिकारी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने पीठ से कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी का फैसला पूरी तरह से मनमाना है। दरअसल, पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष विमान बनर्जी ने गत 11 फरवरी को विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की अपील खारिज कर दी थी।
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दरअसल, मुकुल रॉय पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी बदलने का आरोप है। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे मुकुल रॉय ने चुनाव नतीजों के बाद जून महीने में पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए थे। रॉय भाजपा से पहले भी टीएमसी में थे। मुकुल रॉय पर दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करते हुए विधायक के रूप में अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी।
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विधानसभा अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर के सचिव ने भी कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय ने विधानसभा अध्यक्ष को पिछले साल 7 अक्टूबर तक उस याचिका पर फैसला करने का निर्देश दिया था, जिसमें राय को भाजपा से तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के लिए अयोग्य ठहराने की मांग की गई थी। उच्च न्यायालय का यह आदेश भाजपा विधायक अंबिका रॉय द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष के रूप में टीएमसी विधायक मुकुल रॉय की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर आया था।

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