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SC: सीजेआई को दवे के खत पर बीसीआई अध्यक्ष ने कहा- गोपनीय उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए की गई शरारत
Mon, 11 Dec 2023 07:24 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Mon, 11 Dec 2023 07:24 AM IST
सार
दवे ने छह दिसंबर को सीजेआई के नाम एक खुला पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने मामलों को सूचीबद्ध करने और उन्हें सुप्रीम कोर्ट की अन्य पीठों को फिर से आवंटित करने से संबंधित कुछ मामलों पर नाराजगी जताई थी।
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मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित संवेदनशील मामलों की सूची पर वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे के उन्हें लिखे गए हालिया खुले पत्र पर चिंता जताई। उन्होंने कहा है कि यह एक अनुचित प्रभाव डालने और अनुकूल फैसले लेने की कोशिश है।
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दवे ने छह दिसंबर को सीजेआई के नाम एक खुला पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने मामलों को सूचीबद्ध करने और उन्हें सुप्रीम कोर्ट की अन्य पीठों को फिर से आवंटित करने से संबंधित कुछ मामलों पर नाराजगी जताई थी।
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दवे का नाम लिए बिना बीसीआई प्रमुख ने कहा कि इस तरह के खतों के जरिये किए गए प्रयास स्पष्ट रूप से अवमाननापूर्ण आचरण और गोपनीय उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए की गई शरारत है। इनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।
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यह पत्र अकेली घटना नहीं
मिश्रा ने लिखा, यह पत्र कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह हैंडबुक की एक क्लासिक चाल है, जिसे हाल के दिनों में देश के लगभग हर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष बार-बार आजमाया गया है। इस तरह के पत्र स्वतंत्र न्यायिक प्रणाली के कामकाज में अनुचित प्रभाव और दबाव पैदा करने का एक अतिरिक्त-न्यायिक तंत्र है।