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Supreme Court: गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग, केंद्र-EC को नोटिस
Wed, 28 Sep 2022 04:43 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 28 Sep 2022 04:43 PM IST
सार
जस्टिस के एम जोसेफ और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने कानून और न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया। शीर्ष अदालत इस मुद्दे पर वकील अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई कर रही है।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को नोटिस जारी किया है।
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जस्टिस के एम जोसेफ और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने कानून और न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया। शीर्ष अदालत इस मुद्दे पर वकील अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई कर रही है।
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अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे के माध्यम से दायर याचिका में मांग की गई है कि जिन लोगों के खिलाफ गंभीर अपराधों के ट्रायल के दौरान आपराधिक मामलों में आरोप तय किए गए हैं, उन्हें प्रतिबंधित करने के अलावा केंद्र और चुनाव आयोग को ऐसे उम्मीदवारों को रोकने के लिए कदम उठाने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।
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यह कहा था याचिकाकर्ता ने
17 वीं लोकसभा के 539 विजयी उम्मीदवारों में से 233 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे। 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद विश्लेषण किए गए 542 विजेताओं में से 185 विजेताओं ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे। 2009 के लोकसभा चुनावों में 543 विजेताओं में से 162 विजायी उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे। 2019 लोकसभा के चुनावों में 159 विजयी उम्मीदवारों ने बलात्कार, हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों सहित गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है।