भीमा कोरेगांव: सीजेआई के बाद तीसरे जज भी नवलखा की सुनवाई से हटे
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गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई करने से उच्चतम न्यायालय के जस्टिस एस रविंद्र भट्ट ने खुद को अलग कर लिया है। भीमा कोरेगांव मामले में नवलखा को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने अदालत में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए याचिका दाखिल की हुई है। चार अक्तूबर को मामले की अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
Supreme Court judge Justice S Ravindra Bhat recuses from hearing an appeal filed by Gautam Navlakha seeking quashing of FIR registered against him in the Bhima Koregaon case; Case listed for further hearing on October 4. pic.twitter.com/UPwYuDOSIb
— ANI (@ANI) October 3, 2019विज्ञापन
सबसे पहले मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सामाजिक कार्यकर्ता नवलखा की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को उनकी याचिका जस्टिस एन.वी. रमण, जस्टिस बी.आर. सुभाष रेड्डी और जस्टिस बी.आर.गवई की पीठ के समक्ष आई थी। मगर जस्टिस गवई ने भी खुद को सुनवाई से अलग कर दिया। फिर उनकी याचिका जस्टिस एस रविंद्र भट्ट की पीठ के समक्ष आई। जिन्होंने इसपर सुनवाई से किनारा कर लिया है।
भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गौतम नवलखा ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर रद्द करने से मना कर दिया था। मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि इस मामले को उस पीठ के पास भेजा जाए, जिसमें वह पार्टी न हों।