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सहारा डायरी विवाद में राहुल गांधी को झटका, SC ने तथ्यों के अभाव में खारिज की याचिका

Wed, 11 Jan 2017 09:20 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 11 Jan 2017 09:20 PM IST
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SC dismisses petition filed by NGO seeking probe into the IT raids on Sahara and Birla

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा-बिड़ला डायरी विवाद में याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सुनवाई करने के लिए दिए गए तथ्य अपर्याप्त हैं। गौरतलब है कि एक एनजीओ ने डायरी में पीएम मोदी समेत कुछ नेताओं के नाम होने के राहुल गांधी के दावे के बाद कोर्ट से जांच की अपील की थी।

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उल्लेखनीय है कि राहुल ने सहारा डायरी प्रकरण में पीएम मोदी के नाम आने पर सरकार से सफाई मांगी थी। उन्होंने कहा था कि बीजेपी और इनकम टैक्स विभाग सहारा डायरी के पन्नों को साक्ष्य मानने से इनकार कर रहे हैं। जबकि इनकम टैक्स सेटलमेंट कमीशन ने डायरी के पन्नों को जायज साक्ष्य ठहराकर जांच करने की वकालत की है।
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वहीं इस मामले  पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि वह और उनकी पार्टी नहीं चाहती है कि प्रधानमंत्री की विश्वस्यनीयता कम हो, और उनके कार्यालय की गरिमा बरकरार न रहे, लेकिन इसके लिए पीएम को इस मामले में जांच करानी चाहिए। क्योंकि सार्वजनिक तौर पर जो साक्ष्य सामने हैं उनसे प्रतीत होता है कि पीएम मोदी ने दो कंपनियों से पैसे लिए। अगर उन्होंने पैसे नहीं लिए तो वह जांच से गुजरने का साहस क्यों नहीं दिखा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी चाहती है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो।

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सहारा की गुप्त डायरी में 100 से ज्यादा नेताओं के नाम

SC dismisses petition filed by NGO seeking probe into the IT raids on Sahara and Birla

सुप्रीम कोर्ट में जमा सहारा की डायरी में 11 पेज ऐसे हैं जिसमें रकम के लेनदेन का जिक्र है। मीडिया खबरों के मुताबिक इन 11 पेजों में पैसे लेने वालों में 100 से ज्यादा नेताओं के नाम दर्ज हैं।

जिन नेताओं का इस डायरी में 18 दलों- भाजपा, कांग्रेस, राजद, सपा, राकांपा,  जेएमएम, जेवीएम, टीएमसी के नेताओं के नाम शामिल हैं। इस डायरी में दो पेज हस्तलिखित भी हैं। एसआईटी के एक अधिकारी का कहना है कि फाइल में कुछ नाम नकली हो सकते हैं।

दरअसल, 2013 से 2014 के बीच आयकर विभाग ने बिड़ला और सहारा ग्रुप पर छापे मारे थे। इन छापेमारी में कई अहम फाइलें बरामद हुई थीं। मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने इन फाइलों की जांच की मांग की थी। ये फाइले अब सुप्रीम कोर्ट में जमा हैं।

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