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SC: शीर्ष कोर्ट ने राजनीतिक दलों को RTI के दायरे में लाने की याचिका पर सुनवाई टाली, 15 मई को हो सकता है फैसला

Thu, 08 May 2025 05:11 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 08 May 2025 05:11 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को सार्वजनिक प्राधिकरण मानते हुए आरटीआई कानून के दायरे में लाने की मांग करने वाली याचिकाओं को टाल दिया है। इस मामले में कांग्रेस , भाजपा समेत कई राजनीतिक दलों को पक्षकार बनाया गया है।

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SC deferred hearing on the petition to bring political parties under the ambit of RTI News In Hindi
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को सूचना के अधिकार कानून(आरटीआई एक्ट) के दायरे में लाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है। गैर सरकार संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर)समेत अन्य की ओर से दायर इन याचिकाओं में मांग की गई कि चुनावों के दौरान जवाबदेही सुनिश्चित करने और काले धन के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने के लिए प्रमुख राजनीतिक दलों को आरटीआई  एक्ट के दायरे में लाया जाए।
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15 मई को हो सकती है सुनवाई
मामले में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि इन याचिकाओं पर अब सुनवाई नहीं की जाएगी। याचिकाएं लंबित रहेंगी और इन पर 15 मई को सुनवाई हो सकती है। बता दें कि बीते 14 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, चुनाव आयोग और छह राजनीतिक दलों से उन जनहित याचिकाओं पर जवाब देने को कहा था, जिनमें उन्हें आरटीआई एक्ट के दायरे में लाने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा था, सभी दलीलें पूरी होनी चाहिए। हम इस मामले की सुनवाई किसी और दिन करेंगे।  
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10 वर्षों से लंबित है मामला
एडीआर की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि उनकी याचिका पिछले 10 वर्षों से लंबित है। शीर्ष अदालत ने 7 जुलाई 2015 को एडीआर की याचिका पर केंद्र, चुनाव आयोग और कांग्रेस, भाजपा सहित छह राजनीतिक दलों को नोटिस जारी किया था। एडीआर ने सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने के लिए उन्हें "सार्वजनिक प्राधिकरण" घोषित करने की मांग की थी। वकील अश्विनी उपाध्याय ने भी 2019 में राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने के लिए इसी तरह की याचिका दायर की थी।
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