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Hindi News ›   India News ›   SC Collegium recommend Allahabad High Court and Gujarat High Court CJ for elevation as Judges of Supreme Court

SC Collegium: इलाहाबाद और गुजरात HC के सीजे को शीर्ष कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश, जानें पूरा मामला

Tue, 31 Jan 2023 07:56 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 31 Jan 2023 07:56 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर जस्टिस राजेश बिंदल के नाम की सिफारिश करने में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के सभी 6 सदस्य एकमत थे। वहीं, गुजरात हाईकोर्ट के सीजे अरविंद कुमार की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की सिफारिश पर न्यायमूर्ति के एम जोसेफ ने आपत्ति जताई थी। 

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SC Collegium recommend Allahabad High Court and Gujarat High Court CJ for elevation as Judges of Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

जजों की नियुक्ति के लिए अपनाई जाने वाली कॉलेजियम प्रक्रिया को लेकर केंद्र और सुप्रीम कोर्ट के बीच टकराव जारी है। इस बीच, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है। 

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सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश बनाने के लिए कॉलेजियम ने जिन दो जजों के नाम भेजे हैं, उनमें से गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरविंद कुमार के नाम पर जस्टिस केएम जोसेफ को आपत्ति थी। शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड प्रस्ताव के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश बिंदल के नाम पर भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाले कॉलेजियम के सभी छह सदस्य सहमत थे। हालांकि जस्टिस केएम जोसेफ को जस्टिस कुमार के नाम की सिफारिश करने में आपत्ति थी। जस्टिस जोसेफ का कहना था कि जस्टिस कुमार के नाम पर बाद में विचार किया जा सकता है।
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योग्यता, ईमानदारी और वरिष्ठता चयन का आधार
न्यायाधीशों की नियुक्ति में उनकी वरिष्ठता, उनके मूल हाईकोर्ट में उनकी वरिष्ठता और सभी हाईकोर्ट के न्यायाधीशों में उनकी वरिष्ठता को ध्यान में रखा गया। उनकी योग्यता, कामकाज और ईमानदारी पर भी विचार किया गया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में सभी हाईकोर्ट को उचित प्रतिनिधत्व देने और विविधता को भी ध्यान में रखा गया।
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जस्टिस बिंदल की सिफारिश की वजह :  प्रस्ताव में कहा गया है कि जस्टिस राजेश बिंदल को 22 मार्च, 2006 को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। उन्हें 11 अक्तूबर, 2021 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। जस्टिस बिंदल हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की संयुक्त अखिल भारतीय वरिष्ठता में नंबर दूसरे पर हैं। वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं।


जस्टिस कुमार की सिफारिश क्यों ? : प्रस्ताव में कहा गया है कि जस्टिस अरविंद कुमार को 26 जून, 2009 को कर्नाटक हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 7 दिसंबर, 2012 को वह स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए गए। उन्हें 13 अक्तूबर, 2021 को गुजरात हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था। जस्टिस कुमार हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की संयुक्त अखिल भारतीय वरिष्ठता क्रम में 26वें स्थान पर हैं। उनके नाम की सिफारिश करते समय कॉलेजियम ने इस तथ्य पर भी ध्यान दिया है कि कर्नाटक हाईकोर्ट से आने वाले न्यायाधीशों के वरिष्ठता क्रम में वह दूसरे स्थान पर हैं और वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट की पीठ में कर्नाटक हाईकोर्ट से सिर्फ दो न्यायाधीश ही हैं।

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