फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC asks ex-Andaman and Nicobar chief secy to move trial court for anticipatory bail

Supreme Court News: दुष्कर्म मामले में आरोपी अंडमान-निकोबार के पूर्व मुख्य सचिव को निचली अदालत जाने का निर्देश

Mon, 07 Nov 2022 08:52 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Mon, 07 Nov 2022 08:52 PM IST
सार

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पहले ही सबूतों से छेड़छाड़ कर चुका है। मामले में आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी पेश हुए। 

विज्ञापन
SC asks ex-Andaman and Nicobar chief secy to move trial court for anticipatory bail
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के एक पूर्व मुख्य सचिव को सोमवार को 21 वर्षीय महिला द्वारा उसके और अन्य के खिलाफ दायर सामूहिक बलात्कार मामले में अग्रिम जमानत के लिए निचली अदालत का रुख करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने आरोपी जितेंद्र नारायण को नौ नवंबर को सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया और कहा कि मामले पर 11 नवंबर तक फैसला किया जाए। आरोपी को जमानत के लिए आवेदन करने का अधिकार देने की बात कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी को नौ नवंबर को सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाने दें और मामले पर 11 नवंबर को सत्र अदालत द्वारा फैसला होने दें। 

विज्ञापन


सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पहले ही सबूतों से छेड़छाड़ कर चुका है। मामले में आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने हालांकि अदालत को बताया कि शिकायत प्रेरित थी क्योंकि शिकायतकर्ता एक ऐसे व्यक्ति की बहू है जिसे पूर्व मुख्य सचिव ने सेवा से बर्खास्त कर दिया था। उन्होंने कहा कि मेरे मुवक्किल ने 17 दिनों में कुछ नहीं किया है। पुलिस पोर्ट ब्लेयर में पूर्व मुख्य सचिव के आवास के बाहर है और उन्होंने एक बेदाग करियर निभाया है और सिर्फ इसलिए कि उन्होंने किसी का रोजगार समाप्त कर दिया, यह सब हो रहा है।  शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सरकारी नौकरी का झांसा देकर मुख्य सचिव के आवास पर लालच देकर नारायण और अन्य लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया है।
विज्ञापन


नीरव मोदी के बहनोई का खाता फ्रीज, अदालत ने दिया ये निर्देश 
सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के बहनोई मैनक मेहता से कहा कि उन बैंकों को पत्र लिखें जहां सीबीआई ने उनके खातों की जांच की है और लेनदेन के ब्योरे प्राप्त करें। मेहता ने अदालत को बताया कि ईडी द्वारा शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बाद सिंगापुर सहित उनके बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया था। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने मेहता के वकील अमित देसाई से कहा कि उनके मुवक्किल को बैंकों को पत्र लिखकर उस अवधि के लेन-देन के ब्योरे के लिए अनुरोध करना चाहिए, जिसकी सीबीआई द्वारा जांच की जानी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने कहा कि बैंकों के साथ सभी संचार का विवरण जांच एजेंसी के साथ साझा किया जाना चाहिए। केंद्रीय जांच ब्यूरो का प्रतिनिधित्व करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि भले ही खाते जब्त हुए हों, लेकिन यह मेहता को एजेंसी द्वारा जांच की जा रही अवधि के लिए बैंक विवरण मांगने से नहीं रोकता है। पीठ ने कहा कि वह बैंक विवरण प्रस्तुत करने के बाद मेहता को विदेश यात्रा करने की अनुमति देगी और मामले की सुनवाई 14 नवंबर को तय कर दी। अदालत बॉम्बे हाईकोर्ट के 23 अगस्त के उस आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मेहता को हांगकांग की यात्रा करने और तीन महीने तक वहां रहने की अनुमति दी गई थी।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed