Satyapal Malik: सत्यपाल मलिक के OSD बोले- शिकायकर्ता को ही फंसा रही सरकार, अस्पताल में भर्ती हैं पूर्व गवर्नर
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विस्तार
सीबीआई ने गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और उनके निकटवर्ती सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। ये छापे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मुंबई समेत कई जगहों पर मारे गए हैं। सत्यपाल मलिक, इस वक्त अस्पताल में भर्ती हैं। मलिक ने सोशल मीडिया साइट पर लिखा, मैंने भ्रष्टाचार में शामिल जिन व्यक्तियों की शिकायत की थी, उन व्यक्तियों की जांच न करके मेरे आवास पर सीबीआई द्वारा छापेमारी की गई है। मेरे पास 4-5 कुर्ते पायजामे के सिवा कुछ नहीं मिलेगा। तानाशाह, सरकारी एजेंसियों का गलत दुरुपयोग करके मुझे डराने की कोशिश कर रहा है। मैं किसान का बेटा हूं, ना में डरूंगा, ना झुकूंगा। पूर्व राज्यपाल मलिक के ओएसडी रहे केएस राणा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा, सरकार जानबूझकर मलिक साहब को परेशान कर रही है। उन्होंने पुलवामा हमले का मुद्दा उठाया, वे महिला पहलवानों के समर्थन में बोले और अब उन्होंने किसानों की मांग को लेकर बयान दिया है। सरकार, चाहे जितनी भी छापेमारी कराए, सत्यपाल मलिक किसानों के पक्ष में बोलते रहेंगे।
इस बयान से मच गई थी खलबली
सत्यपाल मलिक, 23 अगस्त 2018 से 30 अक्तूबर 2019 के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे थे। मलिक ने बयान दिया था कि उन्हें दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की गई थी, उनके इस बयान ने केंद्र सरकार में हलचल मचा दी थी। सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू की थी। गत वर्ष भी जांच एजेंसी ने मलिक के कई सहयोगियों के यहां पर रेड की थी। अप्रैल और मई में करीब दर्जनभर लोगों से पूछताछ हुई। इस साल जनवरी में भी सीबीआई ने दिल्ली एवं जम्मू कश्मीर में कई जगहों पर तलाशी ली थी। इन छापों में 21 लाख रुपये की नकदी के अलावा डिजिटल उपकरण एवं रियल एस्टेट से जुड़े दस्तावेज बरामद किए थे। जांच एजेंसी ने इस मामले में कई अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। 2019 में किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट (एचईपी) के लगभग 2,200 करोड़ रुपये के सिविल कार्यों का ठेका एक निजी कंपनी को देने में कदाचार के आरोप में लगे थे। सीबीआई, इसी केस की जांच को आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसी ने चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स (पी) लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष नवीन कुमार चौधरी, पूर्व अधिकारी एमएस बाबू, एम के मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा व पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के खिलाफ मामला केस दर्ज किया है।
पुलवामा हमले को लेकर किया था खुलासा
पूर्व राज्यपाल के ओएसडी रहे केएस राणा ने बताया, सरकार है कुछ भी कर सकती है। सीबीआई रेड, मलिक साहब को परेशान करने के अलावा कुछ नहीं है। सत्यपाल मलिक के सहयोगियों एवं रिश्तेदारों तक से पूछताछ हो चुकी है। जांच में कुछ निकल नहीं रहा। हैरानी की बात तो ये है कि जिस केस में खुद मलिक साहब की शिकायतकर्ता हैं, उन्हें ही झूठे केस में फंसाने की तैयारी हो रही है। केंद्र सरकार का प्रयास है कि किसी भी तरह से मलिक साहब और उनके सहयोगियों को दोषी साबित किया जाए। सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमले को लेकर जो खुलासा किया था, उसके बाद से ही वे सरकार के निशाने पर आ गए थे। उसके बाद मलिक ने जंतर मंतर पर महिला पहलवानों का समर्थन किया, तो सरकार उनसे और ज्यादा खुन्नस रखने लगी। इसके बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों को भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का मंत्र दे दिया। उन्होंने किसानों का लगातार समर्थन किया है। इस बार भी मलिक ने किसानों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था।
करीब ढाई घंटे तक थाने में बैठे रहे मलिक
जम्मू-कश्मीर सहित चार प्रदेशों के राज्यपाल रहे 'सत्यपाल मलिक', गत वर्ष करीब ढाई घंटे तक दिल्ली के आरके पुरम पुलिस थाने में बैठे रहे थे। पुलिस ने साफ कर दिया था कि पूर्व राज्यपाल को गिरफ्तार नहीं किया गया है। मलिक के समर्थकों का दावा था कि हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कई खापों के प्रतिनिधि आरके पुरम थाने के बाहर एकत्रित हुए थे। उन प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी थी कि केंद्र सरकार ने अगर मलिक के साथ कुछ भी गलत करने का प्रयास किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सर्वजातीय कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश कंडेला ने कहा था, मलिक ने निडर होकर देश, समाज, किसान, गरीब और मजदूर तबके के हित में आवाज उठाई है। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने जैसा साहसिक कार्य उन्हीं के राज्यपाल रहते हुए पूरा हुआ था। सभी खाप व किसान जत्थेदारी, सत्यपाल मलिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।