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बिहार में शरद यादव पका रहे हैं राजनीतिक खिचड़ी, लालू प्रसाद यादव से करेंगे मुलाकात

Fri, 14 Feb 2020 07:27 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 14 Feb 2020 07:27 PM IST
सार

  • लालू से रांची में मिलकर करेंगे महागठबंधन पर चर्चा
  • सांझी विरासत संभालकर भाजपा-जद (यू) को चुनौती देने की तैयारी
  • इसी साल बिहार में होना है विधानसभा चुनाव

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sanjhi Virasat Convenor Sharad Yadav on Bihar visit, may meet lalu prasad yadav
उपेंद्र कुशवाहा-शरद यादव - फोटो : File

विस्तार

राजनीति और उम्र के अंतिम पड़ाव पर पहुंचे शरद यादव बिहार में जोरदार पारी खेलना चाहते हैं। लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) के संयोजक शरद इसी इरादे से बिहार और झारखंड के दौरे पर है। वह रांची में लालू प्रसाद यादव से भेंट करके दिल्ली लौटेंगे।
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शरद चाहते हैं कि एक बार सांझी विरासत के विचार पर अमल करते हुए सभी दल साथ आएं। जनता दल परिवार भी एकजुट हों और बिहार में भाजपा-जद (यू)-लोजपा की सरकार को सत्ता से हटाया जाए। यह महागठबंधन जैसी अवधारणा से ही संभव है।

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शरद यादव दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के पहले से बिहार में महागठबंधन तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके दूत उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से भी मिल रहे हैं। इसी कड़ी में शरद पवार शुक्रवार को पटना में थे। उन्होंने वहां एक बैठक बुलाई थी। इसमें रालोसपा के उपेन्द्र कुशवाहा, हम के जीतन राम माझी और विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश साहनी मौजूद थे।

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रालोसपा नेता ने बताया कि यादव ने इसमें भाजपा-जद (यू) के खिलाफ सभी समान विचार धारा वाले दलों से एकजुट होने की अपील की है। हालांकि शरद की इस बैठक में कांग्रेस पार्टी और राजद का कोई भी नुमाइंदा नहीं था।

लालू का हालचाल लेने गए हैं

शरद यादव पटना में बैठक करने के बाद रांची के लिए रवाना हो गए हैं। रांची में वह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मिलेंगे। समझा जा रहा है कि इस दौरान शरद यादव बिहार में राजनीतिक स्थितियों पर भी चर्चा करेंगे। शरद यादव की ही पहल पर लालू प्रसाद यादव 2015 के चुनाव में नीतीश के साथ आए थे।

महागठबंधन बना था, लेकिन बाद में नीतीश ने खुद को महागठबंधन से अलग करने का फैसला ले लिया। यह शरद यादव को नागवार गुजरा और उन्होंने नीतीश की बजाय लालू का साथ देकर नीतीश के कदम का विरोध करना उचित समझा। समझा जा रहा है कि शरद के प्रस्ताव को लालू प्रसाद मान लेंगे और इसके बाद कांग्रेस के नेताओं से चर्चा करके महागठबंधन जैसे स्वरूप को आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रशांत किशोर भी लगाएंगे बिहार राजनीति में 'तड़का'

बिहार विधानसभा के लिए इस साल चुनाव होना है। माना जा रहा है कि इसमें चुनाव प्रचार रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी 'तड़का' लगाएंगे। प्रशांत किशोर को कभी नीतीश कुमार अपने साथ जद (यू) में ले गए थे। उन्हें खूब मान दिया और अंत में बिना किसी मुरव्वत के पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।



प्रशांत किशोर के करीबी बताते हैं कि यह किशोर को अखर रहा है। जद (यू) से प्रशांत किशोर के साथ निष्कासित पवन वर्मा को भी नीतीश कुमार से राजनीतिक बदला लेना है।

 

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