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Maharashtra Crisis: संजय राउत को ईडी का दूसरा समन, एक जुलाई को फिर से पेशी के लिए बुलाया
Tue, 28 Jun 2022 02:53 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 28 Jun 2022 02:53 PM IST
सार
संजय राउत को ये समन प्रवीण राउत और पात्रा चॉल भूमि घोटाले से जुड़े मामले में भेजा गया है। बता दें कि यह मामला 2007 का है। तब महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन की सरकार थी। मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख थे।
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संजय राउत(फाइल)
- फोटो : Social media
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विस्तार
शिवसेना नेता संजय राउत आज जमीन घोटाले मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) के सामने पेश नहीं हुए। राउत ने एजेंसी से पेशी के लिए सात जुलाई का समय मांगा। इसके बाद ईडी ने उन्हें मोहलत देते हुए दोबारा समन भेजा और एक जुलाई को फिर से पेश होने के लिए कहा है। बता दें कि ईडी ने मंगलवार को राज्यसभा सदस्य राउत को मुंबई 'चॉल' के पुनर्विकास और उनकी पत्नी और दोस्तों से जुड़े अन्य संबंधित वित्तीय लेनदेन से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में पूछताछ के लिए तलब किया था।
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भले ही आप मेरा सिर कलम कर दें लेकिन मैं गुवाहाटी मार्ग नहीं लूंगा: राउत
सोमवार को ईडी का नोटिस आने के बाद राउत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मुझे महाराष्ट्र में ये बड़े राजनीतिक घटनाक्रम हैं। हम बालासाहेब के शिवसैनिक एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। यह मुझे रोकने की साजिश है। भले ही आप मेरा सिर कलम दें लेकिन मैं गुवाहाटी नहीं जाऊंगा। मुझे गिरफ्तार करो!
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जानें इस घोटाले में संजय राउत का नाम कैसे आया?
शिवसेना सांसद संजय राउत का इस घोटाले से क्या लेना-देना है? तो जानिए... जिस एचडीआईएल ने ये दोनों घोटाले किए थे, उसके डायरेक्टर प्रवीण राउत, सारंग वधावन, राकेश वधावन हैं। प्रवीण राउत और सारंग को 2020 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ में संजय राउत का कनेक्शन सामने आया। प्रवीण राउत शिवसेना सांसद संजय राउत के दोस्त हैं। प्रवीण का नाम भी पीएमसी बैंक घोटाला मामले में सामने आ चुका है। पता चला कि प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा को 55 लाख रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज दिया था, जिसका इस्तेमाल राउत परिवार ने दादर में एक फ्लैट खरीदने के लिए किया था। इसे लेकर ईडी ने वर्षा और माधुरी राउत के बयान दर्ज किए थे।
घोटाले में संजय राउत की संपत्ति की गई थी कुर्क
गौरतलब है कि पांच अप्रैल को पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने शिवसेना सांसद संजय राउत पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्ति कुर्क कर ली थी। इस कार्रवाई के तहत जांच एजेंसी ने राउत के अलीबाग स्थित आठ प्लॉट और दादर में एक फ्लैट को कुर्क किया था।
जानें क्या है यह घोटाला?
साल 2017 में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार ने तय किया था कि पात्रा चॉल में रहने वाले 672 किराएदारों को फ्लैट मिलेगा। इसके लिए हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड यानी एचडीआईएल की सहायक कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएचडीए) ने कॉन्ट्रैक्ट दे दिया। कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन की तरफ से 672 फ्लैट चॉल के किराएदारों को देने होंगे और तीन हजार फ्लैट एमएचडीए को हैंडओवर करना होगा। 47 एकड़ जमीन पर ये फ्लैट बनने थे। तय ये भी हुआ था कि किराएदारों और एमएचडीए के लिए फ्लैट तैयार करने के बाद जो जमीन बच जाएगी उसे बिक्री और विकसित करने के लिए अनुमति देनी होगी। सबकुछ तय था कि कौन-कौन क्या करेगा और कैसे करेगा। लेकिन कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली फर्म गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने ऐसा नहीं किया। फर्म ने न तो चॉल के लोगों के लिए फ्लैट बनाए और न ही एमएचडीए को कोई फ्लैट दिया। कंपनी ने जमीन आठ अन्य बिल्डरों को 1,034 करोड़ रुपये में बेच दी।
इस घोटाले में गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड यानी एचडीआईएल के लोग शामिल थे। ये कंपनी देश के चर्चित पीएमसी घोटाले में भी शामिल है। कंपनी के डायरेक्ट र ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर बैंक कर्मचारियों और अफसरों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से लोन लिया। फिर कंपनी के एनपीए को खत्म करने के लिए 250 करोड़ रुपये का फेक डिपॉजिट बैंक में दिखाया गया। इसके बाद बैंक ने फिर से एनपीए वाली कंपनी एचडीआईएल को फ्रेश लोन दे दिया।