फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   sanjay raut demands removal of mpsc chairman

'महाराष्ट्र भर में फैलेगा आंदोलन': एमपीएससी अध्यक्ष को हटाने की मांग पर अड़े संजय राउत; और क्या कहा?

Sun, 04 Oct 2026 11:28 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, पुणे।
पीटीआई, पुणे। Published by: राकेश कुमार Updated Sun, 04 Oct 2026 11:28 PM IST
सार

एमपीएससी अभ्यर्थी आयोग के अध्यक्ष को हटाने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग को लेकर पुणे में प्रदर्शन कर रहे हैं। संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया कि जब सरकार सभी मांगें मानने का दावा कर रही है तो आंदोलन जारी क्यों है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन पूरे महाराष्ट्र में फैल सकता है। राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा।
 

विज्ञापन
sanjay raut demands removal of mpsc chairman
संजय राउत, सांसद, शिवसेना-यूबीटी - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है। रविवार को पुणे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे राउत ने आयोग के अध्यक्ष को हटाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन पूरे महाराष्ट्र में फैल सकता है। राउत ने कहा कि प्रदर्शन में लगाए जा रहे नारे मुख्यमंत्री तक पहुंचने चाहिए, लेकिन उन्हें लगता है कि फडणवीस जानबूझकर छात्रों की आवाज अनसुनी कर रहे हैं।
विज्ञापन


एमपीएससी अभ्यर्थियों की क्या हैं मांगें?
एमपीएससी अभ्यर्थी पुणे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में आयोग के अध्यक्ष को हटाना और परीक्षा प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता व निष्पक्षता सुनिश्चित करना शामिल है। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। वे अपनी मांगें पूरी कराने के लिए गिरफ्तारी का सामना करने को भी तैयार हैं। प्रदर्शन को महाराष्ट्र का जंतर-मंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां आंदोलन तब तक जारी रहता है, जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
विज्ञापन


फडणवीस के दावे पर राउत ने क्यों उठाए सवाल?
राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दावा है कि सरकार ने छात्रों की सभी मांगें मान ली हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर ऐसा है तो छात्र अब भी प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं? राउत ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के बजाय आंदोलन में फूट डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ होती तो वह छात्रों और रोहित पवार से बातचीत करके उनकी मांगों को समझती। राउत ने एमपीएससी में ऊपर से नीचे तक बदलाव की मांग करते हुए सवाल किया कि जो सरकार निष्पक्ष तरीके से चुनाव नहीं करा सकती, वह निष्पक्ष परीक्षाएं कैसे कराएगी?
विज्ञापन
विज्ञापन


आंदोलन बढ़ा तो मुख्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ेंगी: राउत
संजय राउत ने आरोप लगाया कि प्रशासन में एक खास विचारधारा से जुड़े लोगों को नियुक्त करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं से भरोसा बनाए रखने की अपील की और कहा कि महत्वपूर्ण पदों पर बैठे उन लोगों को आखिरकार जाना पड़ेगा, जो छात्रों की मांगों का विरोध कर रहे हैं। राउत ने चेतावनी दी कि अगर एमपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन पूरे महाराष्ट्र में फैल गया तो मुख्यमंत्री के लिए दक्षिण मुंबई स्थित अपने सरकारी आवास वर्षा से निकलना भी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं में घटनाओं की दिशा बदलने और बदलाव लाने की ताकत है। अगर सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है तो वह किसकी बात सुनेगी?

यह भी पढ़ें: जस्टिस भुइयां की दो टूक: बोले- लाखों भारतीयों का वोट छीनना संविधान को नकारने जैसा; कांग्रेस ने सीईसी को घेरा

ज्ञानेश कुमार पर भी साधा निशाना, मुंबई के प्रदर्शन का किया जिक्र
राज्यसभा सांसद राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि कुमार को भी आखिरकार पद छोड़ना पड़ेगा। उनकी यह टिप्पणी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर जारी प्रदर्शनों के संदर्भ में थी। राउत ने आरोप लगाया कि एक 'सफेदपोश माफिया' प्रशासन पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग प्रशासन में अपने पसंद के लोगों को चाहते हैं, लेकिन अब उनके प्रभाव को कम करने की कोशिश शुरू हो गई है।


राउत ने दावा किया कि रविवार सुबह मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में लाखों लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इन प्रदर्शनों को मामूली बताकर खारिज किया, लेकिन उनके मुताबिक प्रदर्शन से भाजपा घबराई हुई है। राउत ने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे की तबीयत खराब होने के कारण वह प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने नहीं आ सके। हालांकि, उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे छात्रों का समर्थन करने जरूर आएंगे। इस बीच, राज्य के मंत्री नीतेश राणे ने पुणे के नवी पेठ इलाके में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के दूसरे समूह से मुलाकात की।
 

एमपीएससी पेपर लीक की जांच हो, अध्यक्ष इस्तीफा दें: अनिल देशमुख
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता अनिल देशमुख ने कहा कि पुणे में एमपीएससी अभ्यर्थी बड़ी संख्या में प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे हैं। रोहित पवार समेत कई लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं और हजारों युवा उनका समर्थन कर रहे हैं। देशमुख के मुताबिक, उन्होंने प्रदर्शन स्थल का दौरा किया, जहां करीब 10 से 12 हजार युवा मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से छात्रों को भारी नुकसान होता है। इसकी जांच होनी चाहिए, एमपीएससी अध्यक्ष से इस्तीफा मांगा जाना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed