महाराष्ट्र: कांग्रेस विधायक संग्राम थोपटे के समर्थकों ने की तोड़फोड़, 19 गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास आघाड़ी सरकार के सोमवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कई विधायक नाराज हैं। बुधवार को पुणे में स्थित कांग्रेस भवन में विधायक संग्राम थोपटे के समर्थकों ने जमकर तोड़फोड़ की। समर्थक उद्धव ठाकरे मंत्रिमंडल में मंत्री पद नहीं दिए जाने से नाराज थे।
कार्यकर्ताओं ने थोपटे को मंत्री नहीं बनाए जाने को लेकर कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की। वह भोर सीट से विधायक हैं और पूर्व मंत्री अनंतराव थोपटे के बेटे हैं। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष बाला साहेब थोराट के कार्यालय में जमकर उत्पात मचाया था।
कांग्रेस कार्यालय पर हमला करने के मामले में 19 व्यक्ति गिरफ्तार
कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में हमला करने के मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि थोपटे के समर्थकों ने शिवाजीनगर इलाके में स्थित कांग्रेस भवन में मंगलवार को धावा बोला और तोड़फोड़ की।शिवाजीनगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इसके बाद थोपटे के 19 समर्थकों को मंगलवार की रात गिरफ्तार किया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि थोपटे को मंत्री नहीं बनाए जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गुस्सा है।
नाराज विधायक थोपटे को मना लिया गया है, पार्टी में कोई नाराजगी नहीं : थोराट
महाराष्ट्र के मंत्री एवं राज्य कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट ने बुधवार को कहा कि मंत्री ना बनाए जाने से नाराज विधायक संग्राम थोपटे को मना लिया गया है। थोराट ने मंत्री पद को लेकर कांग्रेस में नाराजगी की खबरों को भी खारिज कर दिया।कांग्रेस नेता ने पत्रकारों से कहा कि हर किसी को मंत्री नहीं बनाया जा सकता क्योंकि राज्य में तीन पार्टी के गठबंधन की सरकार है। उन्होंने कहा कि मैंने संग्राम थोपटे से कल रात बात की। कांग्रेस एक परिवार है और उन्हें उनका बकाया मिलेगा।
उन्होंने कहा कि चूंकि तीन पार्टियों के गठबंधन की सरकार है इसलिए हमें कम मंत्री पद मिले हैं। थोराट ने पार्टी के भीतर मंत्री पद के बंटवारे को लेकर नाराजगी की खबरों को भी खारिज कर दिया। विचार-विमर्श जारी है और आज विभागों के बंटावरे का ऐलान किया जा सकता है।
कांग्रेस में गुटबाजी, समर्थक हुए हिंसक
मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस की गुटबाजी भी सामने आ गई है। वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार शाम ही मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलकर खुद को नजरअंदाज किए जाने की शिकायत की। इनमें पृथ्वीराज चव्हाण, प्रणीति शिंदे, नसीम खान, संग्राम थोपटे, अमीन पटेल और रोहिदास पाटिल शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इन नेताओं का आरोप है कि खड़गे ने कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को गुमराह किया। नाराज नेता दिल्ली जाकर सोनिया से मिलने की योजना बना रहे हैं।
विधायकों की नाराजगी इसलिए भी है कि राज्य विधानसभा की 288 संख्या में कुल 43 मंत्री ही हो सकते हैं। उद्धव मंत्रिमंडल में यह संख्या पूरी हो गई है। ऐसे में जल्द ही किसी नए को मौका मिलने के आसार नहीं हैं। अब तभी किसी नए विधायक को मौका मिलेगा जब कोई मंत्री इस्तीफा दे। मंत्रिमंडल में परिवारवाद भी खूब चला। 19 मंत्री राजनीति परिवारों से हैं।
कल ही राहुल से मिले थे महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी ने मुलाकात कर राज्य की ताजा राजनैतिक हालात के बारे में जानकारी दी थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल ने चुनाव में पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए मंत्रियों को शुभकामनाएं दी थी।
राहुल से मुलाकात के दौरान पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री बालासाहब थोराट, प्रदेश सरकार में मंत्री अशोक चव्हाण, नितिन राउत, अमित देशमुख और कांग्रेस कोटे के कई अन्य मंत्री तथा नेता मौजूद थे। बता दें कि महाराष्ट्र में कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना के साथ मिलकर सरकार का गठन किया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली इस सरकार में कांग्रेस के कोटे से 12 मंत्री शामिल हैं।