आजम खान को पीएम कार्यालय का चपरासी भी नहीं बनने दूंगा: संगीत सोम
उत्तर प्रदेश में अपराध चरम पर है। बहन-बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं है। युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। सैफई में मंच पर लड़कियां नचाई जाती हैं और सड़कों पर बहन-बेटियों से दुष्कर्म हो रहा है। यहां की सरकार रामपुर से शुरू होती है और सैफई में समाप्त हो जाती है।
इसका कारण है कि यूपी की सरकार को साढे़ पांच मुख्यमंत्री चला रहे हैं। ये बातें सरधना विधायक संगीत सोम ने कहीं। वह शहर के हिंदू जागरण मंच द्वारा मोहल्ला दससराय में आयोजित कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव में शामिल होने आए थे।
उन्होंने आजम खां का नाम लिए बिना कहा कि रामपुर वाले चाचा ने किसानों की जमीनों पर कब्जा करके आतंकवाद का अड्डा खोला है।
भाजपा की सरकार बनी तो वो जेल में होंगे
उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही वह जेल में होंगे। वह देश का प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब देख रहे हैं, लेकिन मैं उन्हें पीएम कार्यालय का चपरासी भी नहीं बनने दूंगा। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने अब तक के कार्यकाल में 450 दंगे कराए लेकिन आरोप मुझ पर लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनहित की सैकड़ों योजनाएं शुरू की हैं, युवा, किसान, महिलाएं, गरीब, व्यापारी आदि सभी वर्गों के लिए योजनाएं तैयार की हैं। उत्तर प्रदेश की सरकार उन योजनाओं को लागू करने में सहयोग नहीं कर रही।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनवाने में पूरा सहयोग करने की लोगों से अपील की। इस मौके पर सत्यपाल सैनी, नरेश चौधरी, डॉ. भूपेंद्र सिंह, सोनू सैनी आदि मौजूद थे।
मैं भी चाय बना लेता हूं, प्रधानमंत्री बनने की पूरी योग्यता
नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। कहा कि देश की 125 करोड़ जनता का बादशाह यूपी के लिए इतनी छोटी सोच रखते हैं। उन्होंने कहा कि वह राहत की घोषणा करके भी राहत राशि नहीं भेज रहे। इससे साफ पता लगता है कि वह जनता के कितने रहनुमा हैं।
रामपुर में रविवार को आशाओं को साइकिल वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आजम खां ने कहा कि 125 करोड़ जनता का बादशाह यूपी के लिए छोटी सोच रखता है तो ऐसे कैसे काम चलेगा। प्रधानमंत्री ने किसी भी राहत घोषणा की धनराशि नहीं भेजी। सीएम के पत्रों तक का जवाब नहीं दिया। हमारी सरकार के खिलाफ बगावत कराना चाहते हैं।
आजम खां ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी देश के हालात कैसे हैं? प्रधानमंत्री सीमा पर जवानों का सिर उतारने वालों के यहां मलीहाबाद के आम भिजवाते हैं। बादशाह सैनिकों के सिर उतारने वालों की मां के पैर छुएंगे, शॉल ओढ़ाएंगे। चुटकी लेते हुए आजम बोले कि हमने कहा था कि हमें प्रधानमंत्री बना दो या पागलखाने भेज दो, हम में भी प्रधानमंत्री बनने की सभी योग्यता हैं। हम भी चाय बना लेते हैं और ढोल भी बजाना आता है।