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Hindi News ›   India News ›   Sandeshkhali violence National Commission for Scheduled Castes members reach Sandeshkhali to meet the victims

Bengal: 'नाम ममता है, लेकिन दिल में ममता नहीं रखतीं', पीड़ितों से मिलने संदेशखाली पहुंची एससी आयोग की टीम

Thu, 15 Feb 2024 01:36 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: श्वेता महतो Updated Thu, 15 Feb 2024 01:36 PM IST
सार

संदेशखाली हिंसा को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य अंजू बाला ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया है। मीडिया से बात करते हुए अंजू बाला ने कहा कि मुख्यमंत्री कुछ भी खुलासा करना नहीं चाहतीं।

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Sandeshkhali violence National Commission for Scheduled Castes members reach Sandeshkhali to meet the victims
संदेशखाली हिंसा - फोटो : ANI

विस्तार

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की टीम पश्चिम बंगाल के संदेशखाली क्षेत्र की समीक्षा करने पहुंची। आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण हलदर और सदस्य अंजू बाला ने पीड़ितों से मुलाकात की। अरुण हलदर ने बताया कि संदेशखाली के लोग बहुत कुछ कहना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अबतक मौका नहीं मिला।
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मीडिया से बात करते हुए आयोग के अध्यक्ष ने कहा, 'मुझे संदेशखाली के बारे में रिपोर्ट मिली है। वहां के लोग बहुत कुछ कहना चाहते हैं, लेकिन उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया। मैं और विभाग के सदस्य यहां लोगों को सुनने आए हैं। मैं उनकी बात सुनूंगा और सरकार को रिपोर्ट दूंगा। यह कोई राजनीतिक नहीं बल्कि एक संवैधानिक संस्था है। कल 11 बजे हम राष्ट्रपति को अपना रिपोर्ट भेजेंगे।'
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आयोग की सदस्य ने सीएम ममता पर साधा निशाना
संदेशखाली हिंसा को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य अंजू बाला ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया है। मीडिया से बात करते हुए अंजू बाला ने कहा, 'यह बहुत ही शर्मनाक है कि आज के समय में भी महिलाओं के साथ ये सब हो रहा है। राज्य की मुख्यमंत्री भी एक महिला है। नाम ममता रखती है, लेकिन दिल में ममता नाम की चीज नहीं है।' 

अंजू बाला ने सीएम ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा है। ममता पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री कुछ भी खुलासा करना नहीं चाहतीं। वह पीड़ित महिलाओं पर अत्याचार की एफआईआर भी दर्ज कराना नहीं चाहतीं है। देश उन्हें माफ नहीं करेगा। उन्होंने संदेशखाली में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।'

क्या है पूरा मामला
संदेशखाली में स्थानीय महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रहीं है। उन्होंने टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों पर जबरन उनके जमीनों पर कब्जा करने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिलाओं ने शेख शाहजहां की गिरफ्तारी की भी मांग की है। 

बता दें कि पिछले महीने टीएमसी नेता शेख शाहजहां के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान शाहजहां के समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया था, जिसमें तीन अधिकारी घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद से ही शाहजहां फरार है। क्षेत्र में हिंसा को देखते हुए सात ग्राम पंचायतों और उसके आसपास 500 मीटर क्षेत्र में 19 फरवरी तक सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है।
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