{"_id":"5f0d23c2c2e799319f044cd2","slug":"sambit-patra-tweet-picture-of-dehradun-written-in-sanskrit-railway-officials-says-not-case-on-ground","type":"story","status":"publish","title_hn":"संबित पात्रा ने पोस्ट की देहरादून स्टेशन के संस्कृत साइनबोर्ड की तस्वीर, रेलवे ने दिया ये जवाब","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
संबित पात्रा ने पोस्ट की देहरादून स्टेशन के संस्कृत साइनबोर्ड की तस्वीर, रेलवे ने दिया ये जवाब
Tue, 14 Jul 2020 09:29 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 14 Jul 2020 09:29 AM IST
विज्ञापन
देहरादून स्टेशन का साइन बोर्ड
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोमवार को देहरादून स्टेशन के साइन बोर्ड की एक तस्वीर ट्वीट की। इसमें देहरादून को संस्कृत में देहरादूनम् लिखा हुआ है। साइनबोर्ड पर उर्दू को छोड़कर हिंदी और अंग्रेजी में देहरादून लिखा हुआ दिख रहा है। हालांकि उनके दावे को रेलवे अधिकारियों ने खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
दिल्ली में उत्तरी रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि साइनबोर्ड पर देहरादून स्टेशन का नाम संस्कृत में नहीं लिखा है। पहले की तरह ही हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में नाम बोर्ड पर दिखाई दे रहे हैं। रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने दावा किया कि यह सोशल मीडिया पर बनाया गया एक भ्रम था।
विज्ञापन
जोनल रेलवे अधिकारी ने कहा, ‘देहरादून में यार्ड रिमॉडलिंग का काम चल रहा था। गलती से मजदूरों ने साइनबोर्ड के नाम को संस्कृत में लिखवा दिया। जब काम खत्म होने के बाद स्टेशन दोबारा शुरू हुआ तो इसे सुधार दिया गया और नाम को पहले की ही तरह उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी में लिख दिया गया।’
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- राहुल पर भाजपा का पलटवार, जो 70 साल में नहीं हुआ उसे छह साल में किया
सोमवार सुबह यह मुद्दा तब सामने आया जब भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने पहली बार 'ईगल आई' नाम के एक ट्विटर हैंडल द्वारा पोस्ट की गई दो तस्वीरों को रीट्वीट किया। एक तस्वीर में कथित तौर पर देहरादून का एक पुराना स्टेशन साइनबोर्ड दिखाई दे रहा था जिसमें नाम हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में लिखा हुआ था। वहीं दूसरी तस्वीर में साइनबोर्ड पर नाम उर्दू की जगह संस्कृत में लिखा हुआ दिखाई दे रहा था।
सहस्रबुद्धे ने ट्वीट कर कहा, ‘भारतीय रेलवे की इस महत्वपूर्ण पहल को हमारे साथ साझा करने के लिए धन्यवाद।’ इसके बाद पात्रा ने तस्वीर ट्वीट कर लिखा, ‘संस्कृत।’ देर रात तक पात्रा के ट्वीट को 95,000 से ज्यादा लाइक्स, 18,000 रीट्वीट और कमेंट्स मिल चुके थे। बता दें कि संस्कृत उत्तराखंड की आधिकारिक दूसरी भाषा है।
SANSKRIT pic.twitter.com/6coUpaIQyF
— Sambit Patra (@sambitswaraj) July 13, 2020
सूत्रों का कहना है कि उत्तर रेलवे ने देहरादून स्टेशन के साइनबोर्ड को संस्कृत में उर्दू की जगह करने की कोशिश की थी। इसी सिलसिले में उत्तराखंड भाजपा के एक विधायक ने 2019 में रेल मंत्रालय को रेलवे स्टेशनों के नाम संस्कृत के साथ हिंदी और अंग्रेजी में लिखने की मांग की थी। जिसके बाद उत्तर रेलवे ने देहरादून जिला अधिकारी को पिछले साल आधिकारिक तौर पर चिट्ठी लिखकर राज्य सरकार से इजाजत लेने को कहा था। जिसपर रेलवे को कोई जवाब नहीं मिला।