सुरक्षा हमारी प्राथमिकता, कांग्रेस अलग रेल बजट से सिर्फ गुमराह करती थी: गोयल
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कांग्रेस सरकारों पर हमला बोलते हुए केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा, रेलवे में सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। हम कांग्रेस सरकारों की तरह अलग रेल बजट लाकर सिर्फ गुमराह नहीं करते। गोयल ने कहा, बीते 1 अप्रैल से अब तक एक भी यात्री की हादसे में मौत नहीं हुई है। हमने रेलवे में लगातार सुधार किया है।
रेल मंत्रालय के लिए अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में गोयल ने कहा, कांग्रेस सरकार में सिर्फ लोगों को गुमराह करने के इरादे से अलग रेल बजट पेश किया जाता था। उनका रेल बजट बस एक गुब्बारा था और जिसका उद्देश्य सिर्फ सदन में वाहवाही बटोरना होता था।
कांग्रेस फर्जी घोषणाएं कर लोगों को गुमराह करती थी और चुनावी लाभ उठाती थी। गोयल ने उदाहरण देते हुए बताया कि कई ऐसी रेलवे परियोजनाएं हैं जिनकी घोषणाएं तो कर दी गईं लेकिन 1974 से वे लंबित हैं।
जबकि नरेंद्र मोदी सरकार में रेलवे को नया स्वरूप देने की दिशा में काम हो रहा है। गति, संवेदनशीलता और नए दृष्टिकोण पर ध्यान लगाया जा रहा है। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को केंद्र से अलग रेल बजट पेश करने की मांग की थी।
ट्रेन टिकट के लिए अब एजेंट की जरूरत नहीं : गोयल
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ट्रेन टिकट बुक कराने के लिए अब एजेंट की जरूरत नहीं होती है। सरकार ने निजी वेंडर और एजेंटों को टिकट बुकिंग से दूर रखने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि एजेंट से जुड़ी समस्याओं पर मदद के लिए यात्री सरकारी सेवा केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं। दरअसल, एजेंट्स का गिरोह विशेष सॉफ्टवेयर के जरिये बड़ी संख्या में एक साथ टिकट बुक कर लेते थे और फिर उन्हें मनचाहे दामों में यात्रियों को बेचते थे।
1.61 लाख करोड़ रेलवे के लिए आवंटित
गोयल ने कहा, केंद्र रेलवे को लेकर गंभीर है। 2013-14 के 54 हजार करोड़ रुपये की तुलना में इस बार रेलवे के लिए 1.61 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस राशि का इस्तेमाल 58 सुपर क्रिटिकल और 68 क्रिटिकल परियोजनाओं के लिए होगा।
सोनिया जी के राय बरेली में हमने कोच बनाना शुरू किया
गोयल ने कहा, सोनिया जी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्टरी में 2014 से पहले एक भी कोच नहीं बना था। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वहां काम शुरू कराया और 2019-20 में वहां अब तक एक हजार कोच बनकर तैयार हुए। यही नहीं इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 2000 कोच बनाकर यह फैक्टरी कीर्तिमान स्थापित करेगी।
बारामूला को कन्याकुमारी से जोड़ेंगे
बेनिहाल से बारामूला रेल लाइन का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा, एक बार काम पूरा होते ही कन्याकुमारी रेल मार्ग से बारामूला से जुड़ जाएगा। इसी तरह हमारी सरकार ने पूर्वोत्तर में कई योजनाएं शुरू कर पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानियों को जोड़ना शुरू कर दिया है।
बड़े लक्ष्य तय किए, इनके लिए प्रयास भी जारी
रेल मंत्री ने कहा, हमारी सरकार न सिर्फ बड़े लक्ष्य तय करती है बल्कि उन्हें हासिल करने के प्रयास भी करती है। हमने देश की 6 हजार किलोमीटर की रेल लाइन के विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा है और 5200 किलोमीटर पर काम पूरा हो गया है। 2013-14 में तत्कालीन सरकार ने इस काम के लिए 600-650 किलोमीटर का लक्ष्य तय किया था।
कांग्रेस पर वार, पेंशन फंड में कोर्ठ काम नहीं हुआ
यूपीए की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए गोयल ने कहा, रेलवे में पेंशन फंड के क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ। 2014 में जब हमारी सरकार आई तो इसकी हालत बहुत खराब थी, हमने इसमें जरूरी सुधार किए। हमने किराया बढ़ाए बिना राजस्व बढ़ाने के कदम उठाए।
अधीर का पलटवार, रेलवे में सुधार के सिवा सब हो रहा
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा, रेलवे में सुधार के सिवा सब कुछ हो रहा है। रेलवे विकृति की ओर है। सरकार अपने फायदे के लिए न सिर्फ नियमों को तोड़ मरोड़ रही है बल्कि रेल संचालन को निजी हाथों में सौंपने की साजिश कर रही है। भारतीय रेलवे बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता के लिए विश्व में 28वें स्थान पर थी। उन्होंने सवाल किया कि पीएम मोदी की रेलवे परियोजना की मौजूदा स्थिति क्या है? इसकी समयसीमा 2022 है। अब तक सिर्फ 30 फीसदी भूमि का अधिग्रहण ही हुआ है।
- बीते 1 अप्रैल से एक भी रेल यात्री की हादसे में मौत नहीं हुई, हमने रेलवेे में सुधार किए
- रेलमंत्री का पलटवार, कांग्रेस सिर्फ लोगों को गुमराह करने के लिए लाती थी अलग रेल बजट
- सुरक्षा पहली प्राथमिकता, अलग रेल बजट तो सिर्फ चुनावी फायदे के लिए : गोयल