फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sadhvi Pragya refuses to sit in court for hours, complains about dust

गंदी कुर्सी देखकर भड़कीं साध्वी प्रज्ञा, ढाई घंटे तक कोर्ट में खड़ी रहीं

Sat, 08 Jun 2019 06:28 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: संदीप भट्ट Updated Sat, 08 Jun 2019 06:28 AM IST
विज्ञापन
Sadhvi Pragya refuses to sit in court for hours, complains about dust
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (फाइल फोटो ) - फोटो : PTI

मालेगांव बम धमाका मामले की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान शुक्रवार को साध्वी प्रज्ञा करीब ढाई घंटे तक खड़ी रहीं। इसका कारण यह था कि उन्हें बैठने के लिए जो कुर्सी दी गई थी वह गंदी और धूल भरी थी।

विज्ञापन


इस मामले में मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा भोपाल से लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद पहली बार अदालत में पेश हुईं। उन्होंने गंदी कुर्सी पर बैठने से इनकार कर दिया और कोर्ट रूम की साफ सफाई पर भी नाखुशी जताई। अपने सहयोगी की मदद से साध्वी 12:45 बजे कोर्ट में पेश हुईं।
विज्ञापन


शुरू में विशेष जज वीएस पडलकर ने उन्हें कमरे के पीछे आरोपियों के लिए बने कठघरे में बैठने को कहा। बेंच पर बैठने से पहले उनके सहयोगी ने लाल मखमली कपड़ा बिछाया। उस पर साध्वी अपने सह-आरोपियों सुधाकर द्विवेदी और समीर कुलकर्णी के साथ बैठीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाद में जब जज ने उन्हें विटनेस बॉक्स में बुलाया और पूछा कि क्या उन्हें कुर्सी चाहिए। इस पर साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि वह खड़े रहना पसंद करेंगी। 15 मिनट के अंतराल के बाद जब फिर से कार्यवाही शुरू हुई तो जज ने फिर पूछा, मैं मानवीय आधार पर पूछ रहा हूं, आप बैठना चाहेंगी या खड़ी रहना चाहेंगी।

साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि उन्हें गले में संक्रमण है, इसलिए उन्हें सुनने में दिक्कत है। इस पर जज ने विटनेस बॉक्स के पास कुर्सी रखने का आदेश दिया और कहा, यदि वह चाहें तो उस पर बैठ सकती हैं। 

कोर्ट रूम में सुविधाओं का अभाव

कार्यवाही समाप्त होने के बाद जब जज चले गए तब साध्वी ने नाखुशी जताते हुए कहा, ‘कोर्ट रूम में सुविधाओं का अभाव है। लोगों को कोर्ट में बुलाकर उनके साथ ऐसा बर्ताव उचित नहीं है। कुर्सी की ओर इशारा करते हुए कहा, क्या यह कुर्सी बैठने लायक है? यदि मैं इस पर बैठूंगी तो बिस्तर पकड़ लूंगी। जब तक सजा नहीं होती, बैठने को जगह दो बाद में चाहे तो फांसी दे दो।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed