MGNREGA Dues: 'वे मुझसे मिलना ही नहीं चाहते थे, वे सिर्फ भ्रम फैला रहे', साध्वी निरंजन का हमला; TMC का पलटवार
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और पार्टी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के साथ-साथ लोगों ने हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। कृषि भवन में ग्रामीण विकास मंत्रालय तक मार्च किया था, जहां उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से होनी थी। बाद में टीएमसी नेताओं ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया।
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टीएमसी इन दिनों पश्चिम बंगाल के लिए मनरेगा फंड को रोकने के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। टीएमसी ने इस संबंध में केंद्र पर राज्य के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया हैा वहीं, अब केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने टीएमसी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि हमने बंगाल को कभी भी मनरेगा फंड से वंचित नहीं किया। बीते नौ सालों के आंकड़ों से यह साफ हो जाता है। बता दें कि लंबे समय से पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी केंद्र पर मनरेगा फंड को लेकर भेदभाव का आरोप लगाती रही हैं। वहीं, इसे लेकर हाल ही में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में राजधानी दिल्ली मे विरोध प्रदर्शन किया था।
मैं टीएमसी कार्यकर्ताओं से मिलना चाहती थी- साध्वी
कलकत्ता में एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के कई जिलों में मनरेगा फंड के प्रयोग में खामियां पाई गई हैं। इस दौरान उन्होंने टीएमसी के उस आरोप को भी खारिज कर दिया कि उन्होंने दिल्ली में मनरेगा के बकाए के संबंध में बातचीत के लिए टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए मना कर दिया था। साध्वी ने कहा, 'मैं उनसे मिलना चाहती थी और उनके लिए लगभग ढाई घंटे तक इंतजार किया। लेकिन वे अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की संख्या पर गोलपोस्ट बदलते रहे।' उन्होंने आगे कहा कि अब वे आरोप लगा रहे कि मैं पिछले दरवाजे से भाग गई। टीएमसी झूठ फैला रही है, वे मुझसे मिलना नहीं चाहते थे, वे सिर्फ नाटक बनाना चाहते थे।
प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी समय टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन क्या इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ईमानदारी है।
बता दें कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और पार्टी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के साथ-साथ मनरेगा के काम में लगे लोगों ने हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। कृषि भवन में ग्रामीण विकास मंत्रालय तक मार्च किया था, जहां उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से होनी थी। बाद में टीएमसी नेताओं ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया।
टीएमसी ने दिया ये जवाब
केंद्रीय मंत्री के आरोपों पर टीएमसी ने भी जवाब दिया है। राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी ने एक के बाद एक कई पोस्ट करते हुए कहा कि अगर वह बातचीत में रुचि रखती हैं तो उन्हें राजभवन के बाहर प्रदर्शन स्थल पर आना चाहिए और आंदोलनकारियों से बातचीत करनी चाहिए।
बता दें कि इस मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी कार्यकर्ता राजभवन के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब तक राज्यपाल सी वी आनंद बोस उनसे विरोध स्थल पर नहीं मिलेंगे तब तक वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
न्याय की लड़ाई यहीं चल रही-टीएमसी
एक्स पर एक पोस्ट में टीएमसी ने कहा कि हमें कृषि भवन में तीन घंटे तक इंतजार कराना और दिल्ली पुलिस द्वारा हमारे प्रतिनिधिमंडल पर हमला करना पर्याप्त नहीं था। अब भाजपा चाहती है कि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल भाजपा के पार्टी कार्यालय पर जाएं और वहां राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मिलें। टीएमसी ने यह भी लिखा कि हम धरना स्थल से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। यदि भाजपा नेता वास्तव में लोगों के कल्याण की परवाह करते हैं, तो उन्हें हमसे मिलकर यह साबित करना चाहिए कि न्याय की लड़ाई यहीं चल रही है! टीएमसी ने अपने ट्वीट्स में केंद्रीय मंत्री की आलोचना की और उनके दावों को खारिज कर दिया।