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एंटीलिया मामला: जहां मिली थी हिरेन की लाश, सचिन वाजे को वहां लेकर पहुंची एनआईए
Thu, 25 Mar 2021 09:25 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 25 Mar 2021 09:25 PM IST
सार
- स्पेशल कोर्ट ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को तीन अप्रैल तक लिए एनआईए की हिरासत में भेज दिया
- सचिन वाजे ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कई दावे किए, कहा- सुपर कॉप बनने के लिए किया ये सब
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सचिन वाजे को घटनास्थल पर लेके आई एनआईए
- फोटो : ANI
विस्तार
एंटीलिया केस में स्पेशल कोर्ट ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को तीन अप्रैल तक लिए एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। अदालत में सुनवाई के दौरान मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे खुद को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हालांकि उन्होंने एनआईए को बताया कि उन्होंने एंटीलिया के बाहर विस्फोटक इसलिए लगाए क्योंकि वह इस केस को सोल्व कर मुंबई में सुपर कॉप बन सके।
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एनआईए आरोपी सचिन वाजे को लेकर पहुंची घटनास्थल पर
एनआईए आरोपी सचिन वाजे को लेकर गुरुवार देर शाम रेटिबंदर लेके पहुंची जहां मनसुख हिरेन की लाश मिली थी।
परमबीर सिंह हाईकोर्ट में अनिल देशमुख के खिलाफ याचिका दी
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने गुरुवार को बंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ तत्काल व निष्पक्ष जांच की मांग की। परमबीर ने दावा किया था कि देशमुख ने पुलिस अधिकारी सचिन वाजे से बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये वसूलने को कहा था।
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आईपीएस अधिकारी ने इसी हफ्ते पूर्व में उच्चतम न्यायालय का रुख किया था जिसने बुधवार को मामले को गंभीर करार दिया था। न्यायालय में अधिकारी ने देशमुख के खिलाफ दी याचिका दी थी, हालांकि अदालत ने उनसे बंबई उच्च न्यायालय में जाने को कहा था।
सिंह ने उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी याचिका में कहा कि इस साल फरवरी में देशमुख ने अपने आवास पर वाजे समेत मुंबई पुलिस के कई अधिकारियों के साथ मुलाकात की। याचिका के मुताबिक, इन बैठकों में देशमुख ने अधिकारियों को विभिन्न प्रतिष्ठानों से हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलने का निर्देश दिया।
याचिका में कहा गया है कि देशमुख नियमित रूप से पुलिस के कामकाज में दखल देते थे और अपने पद का दुरुपयोग करते थे। याचिका के मुताबिक देशमुख के आचरण को देखते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराए जाने की जरूरत है।