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सबरीमाला: विरोध प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुलाई बैठक, शाही परिवार को भेजा न्योता

Sun, 07 Oct 2018 09:52 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Updated Sun, 07 Oct 2018 09:52 AM IST
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Sabrimala: Amid protests Pinarayi Vijayan will hold talks with tantris and royal family members
पिनराई विजयन

उच्चतम न्यायालय ने सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश देने का फैसला सुनाया है। केरल में इस समय वामपंथी सरकार है, जिसने न्यायालय के फैसले को लागू करने के लिए शनिवार को एक बैठक बुलाई। इस बैठक में मंदिर के तीन तंत्रियों (सर्वोच्च पुजारी) और पंडालम राज शाही परिवार के सदस्यों को बातचीत के लिए बुलाया। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन उनके साथ सोमवार को बातचीत करेंगे।   

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केरल के मंदिर मामलों के मंत्री कडाकमपल्ली सुरेंद्रन ने कहा, 'हम सभी संबंधित व्यक्तियों से मिलेंगे और उन्हें यह समझाने की कोशिश करेंगे कि एक चयनित सरकार के तौर पर हम देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। अपने वोटबैंक को ध्यान में रखते हुए कुछ पार्टियां परेशानियां खड़ी कर रही हैं। उनकी यह शरारत सफल नहीं होगी।'
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शनिवार को पंडालम शाही परिवार के युवा वशंज ससिकुमार वर्मा और सबरीमाला के मुख्य पुजारी राजीवारू कंदारारू ने एक विरोध रैली में हिस्सा लिया। यह रैली कोट्टायम के चंगानारासेरी में आयोजित की गई थी। यह पहली बार था कि अदालत के आदेश के विरोध में मंदिर के सर्वोच्च पुजारी और राजशाही परिवार के सदस्य ने सड़क पर उतरकर रैली में हिस्सा लिया हो। इस रैली में हजारों भक्त शामिल थे। खासतौर से महिलाएं भी, जो भजन और मंत्रों का जाप कर रही थीं।  
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कंदारारू ने कहा कि उन्हें अभी तक मुख्यमंत्री की तरफ से कोई निमंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने कहा, 'भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं आकर कह रही हैं कि वह मंदिर में प्रवेश नहीं करेंगी। लेकिन कुछ हठी लोगों का कहना है कि एक विशेष वर्ग की महिलाओं को ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति देनी चाहिए, चाहे जो हो जाए।'


सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हर उम्र की महिला के लिए मंदिर के दरवाजे खोलने के बाद से राज्य में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों को भाजपा और कांग्रेस का समर्थन मिला हुआ है। कांग्रेस ने यह साफ कर दिया है कि वह भक्तों के साथ है। वहीं भाजपा ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह भक्तों की धार्मिक मान्यताओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

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