{"_id":"69b902e556165607590cb674","slug":"sabarimala-gold-theft-case-no-relief-for-priest-in-temple-case-kerala-high-court-issues-notice-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sabarimala Case: सबरीमाला मंदिर मामले में पुजारी को राहत नहीं, केरल हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस; जानें मामला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Sabarimala Case: सबरीमाला मंदिर मामले में पुजारी को राहत नहीं, केरल हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस; जानें मामला
Tue, 17 Mar 2026 12:59 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:59 PM IST
सार
केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में मुख्य पुजारी को मिली राहत पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने निचली अदालत की सबूत न होने वाली टिप्पणी को गलत माना और पुजारी की जमानत रद्द करने पर नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
सबरीमाला में सोना चोरी मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी को किया निलंबित
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सबरीमाला मंदिर के सोना चोरी मामले में केरल हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने निचली अदालत की उस टिप्पणी पर रोक लगा दी है जिसमें कहा गया था कि मंदिर के मुख्य पुजारी (तांत्री) कंतारार राजीवर के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। यह फैसला पुजारी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है और इससे मामले की कानूनी जांच फिर से शुरू हो गई है।
पुजारी कंतारार राजीवर 41 दिनों तक जेल में रहने के बाद पिछले महीने ही जमानत पर बाहर आए थे। कोल्लम की निचली अदालत ने उन्हें जमानत देते समय कहा था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। इसके बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इस टिप्पणी को हाई कोर्ट में चुनौती दी। जांच टीम का कहना था कि अदालत की ऐसी टिप्पणियों से चल रही जांच पर बुरा असर पड़ सकता है। एसआईटी ने मांग की थी कि इन टिप्पणियों को हटाया जाए ताकि जांच निष्पक्ष हो सके।
हाई कोर्ट ने एसआईटी की दलीलों को गंभीरता से लिया और निचली अदालत की विवादित टिप्पणीयों पर अंतरिम रोक लगा दी। इसके साथ ही कोर्ट ने पुजारी राजीवर को नोटिस जारी कर इस मामले में उनका जवाब भी मांगा है। कोर्ट अब पुजारी की जमानत रद्द करने की याचिका पर भी विचार करेगा। इसका मतलब है कि इस मामले की अब फिर से बारीकी से कानूनी जांच होगी और पुजारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Lok Sabha Suspension: सांसदों का निलंबन निरस्त, किरेन रिजिजू ने रखा प्रस्ताव; स्पीकर ने पढ़ाया अनुशासन का पाठ
यह पूरा मामला सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोने की चोरी का है। मंदिर की धार्मिक महत्ता और प्रशासन की संवेदनशीलता के कारण यह मामला काफी चर्चा में है। जांच टीम का मानना है कि अभी जांच जारी है, इसलिए निचली अदालत का पुजारी को क्लीन चिट देना जल्दबाजी थी। हाई कोर्ट के इस आदेश से अब जांच टीम बिना किसी दबाव के अपना काम कर सकेगी और चोरी की गुत्थी सुलझाने की कोशिश करेगी।
इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 9 लोग फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। यह मामला केरल की राजनीति में भी काफी अहम हो गया है। 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में एनडीए, एलडीएफ और यूडीएफ तीनों ही प्रमुख दल इस मुद्दे को चुनाव प्रचार में जोर-शोर से उठा सकते हैं।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
पुजारी कंतारार राजीवर 41 दिनों तक जेल में रहने के बाद पिछले महीने ही जमानत पर बाहर आए थे। कोल्लम की निचली अदालत ने उन्हें जमानत देते समय कहा था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। इसके बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इस टिप्पणी को हाई कोर्ट में चुनौती दी। जांच टीम का कहना था कि अदालत की ऐसी टिप्पणियों से चल रही जांच पर बुरा असर पड़ सकता है। एसआईटी ने मांग की थी कि इन टिप्पणियों को हटाया जाए ताकि जांच निष्पक्ष हो सके।
विज्ञापन
हाई कोर्ट ने एसआईटी की दलीलों को गंभीरता से लिया और निचली अदालत की विवादित टिप्पणीयों पर अंतरिम रोक लगा दी। इसके साथ ही कोर्ट ने पुजारी राजीवर को नोटिस जारी कर इस मामले में उनका जवाब भी मांगा है। कोर्ट अब पुजारी की जमानत रद्द करने की याचिका पर भी विचार करेगा। इसका मतलब है कि इस मामले की अब फिर से बारीकी से कानूनी जांच होगी और पुजारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Lok Sabha Suspension: सांसदों का निलंबन निरस्त, किरेन रिजिजू ने रखा प्रस्ताव; स्पीकर ने पढ़ाया अनुशासन का पाठ
यह पूरा मामला सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोने की चोरी का है। मंदिर की धार्मिक महत्ता और प्रशासन की संवेदनशीलता के कारण यह मामला काफी चर्चा में है। जांच टीम का मानना है कि अभी जांच जारी है, इसलिए निचली अदालत का पुजारी को क्लीन चिट देना जल्दबाजी थी। हाई कोर्ट के इस आदेश से अब जांच टीम बिना किसी दबाव के अपना काम कर सकेगी और चोरी की गुत्थी सुलझाने की कोशिश करेगी।
इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 9 लोग फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। यह मामला केरल की राजनीति में भी काफी अहम हो गया है। 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में एनडीए, एलडीएफ और यूडीएफ तीनों ही प्रमुख दल इस मुद्दे को चुनाव प्रचार में जोर-शोर से उठा सकते हैं।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन