केरल विधानसभा में हंगामा: कांग्रेस के तीन विधायक निलंबित, सोने की परत चढ़ाने में कथित घोटाले का विरोध बनी वजह
सबरीमाला मंदिर की द्वारपालक मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाने में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर केरल विधानसभा में विपक्ष का चौथे दिन भी जोरदार हंगामा जारी रहा। कार्यवाही बाधित होने पर कांग्रेस गठबंधन यूडीएफ के तीन विधायकों को मौजूदा सत्र से निलंबित कर दिया गया।
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केरल के सबरीमाला मंदिर में द्वारपालक मूर्तियों पर चढ़ाई गई स्वर्ण-पल्लवन (सोने की परत) में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य भर की राजनीति में जबरदस्त गर्माहट तेज है। वहीं इस राजनीतिक गर्माहट की गूंज बीते कुछ दिनों से विधानसभा में भी सुनने को मिल रहा है। फलस्वरूप केरल विधानसभा में गुरुवार को लगातार चौथे दिन विपक्ष के विरोध के चलते कार्यवाही बाधित रही। इसके चलते कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के तीन विधायकों को मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
बता दें कि निलंबित किए गए विधायकों में रोजी एम जॉन, एम विन्सेंट और सनीश कुमार जोसेफ शामिल हैं। इन तीनों पर विधानसभा के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। इसके बाद विधानसभा में विपक्षी विधायकों के व्यवहार को लेकर संसदीय कार्य मंत्री एम बी राजेश ने प्रस्ताव रखा कि नियमों के उल्लंघन के चलते इन विधायकों को मौजूदा सत्र से निलंबित किया जाए और साथ ही इस प्रस्ताव को सदन ने पारित कर दिया।
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विधानसभा में विपक्ष का बहिष्कार
बता दें कि जब यह प्रस्ताव सदन में पारित किया गया, तब विपक्ष के सदस्य सदन से बाहर थे। दरअसल, विपक्ष ने सुबह की कार्यवाही का बहिष्कार किया था। उनका आरोप है कि सबरीमाला के प्रसिद्ध अयप्पा मंदिर में 'द्वारपालक' (रक्षक देवता) की मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाने में भारी अनियमितताएं हुई हैं।
विपक्ष का कहना है कि अयप्पा मंदिर की मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाने के काम में घोटाला हुआ है और इसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने और जांच की मांग को लेकर विपक्ष लगातार विधानसभा में प्रदर्शन कर रहा था।
निलंबन पर क्या बोले विपक्षी नेता?
यूडीएफ नेताओं ने निलंबन को तानाशाही करार दिया और सरकार पर भ्रष्टाचार छिपाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जब भी वे जनता के मुद्दे उठाते हैं, सरकार असहमति को दबाने की कोशिश करती है। इस घटनाक्रम के बाद अब विधानसभा में विपक्ष और सरकार के बीच टकराव और गहराने की आशंका है।
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सबरीमाला मंदिर में द्वारपालक मूर्तियों की सोने की परत को लेकर नया खुलासा
उधर, सबरीमाला मंदिर की द्वारपालक मूर्तियों पर चढ़ाई गई सोने की परत में कथित गड़बड़ियों को लेकर जांच तेज हो गई है। त्रावणकोर देवस्वं बोर्ड (टीडीबी) की विजिलेंस और सुरक्षा शाखा ने गुरुवार को चेन्नई की कंपनी 'स्मार्ट क्रिएशन' के अधिकारियों के बयान दर्ज किए। इस कंपनी ने 2019 और 2025 में मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाई थी।
इस मामले में खास बात यह है कि इलेक्ट्रोप्लेटिंग के बाद मूर्तियों का वज़न कम हो गया, जिससे गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई। जांच टीम ने 'स्मार्ट क्रिएशन' के सीईओ पंकज भंडारी समेत दो लोगों से पूछताछ की। इससे पहले 2019 में प्लेटिंग प्रायोजित करने वाले उन्नीकृष्णन पोट्टी से भी पूछताछ की गई थी।
केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर यह प्रारंभिक जांच हो रही है। शुक्रवार को TDB हाईकोर्ट में रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके बाद कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) अपनी जांच शुरू करेगा। कोर्ट ने मूर्तियों के वजन में कमी को गंभीर मामला मानते हुए संभावित साजिश और आपराधिक जांच की जरूरत बताई थी।