फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   S Jaishankar says India will not tolerate cross border terrorist activities

Jaishankar: 'आतंकवाद को किनारे रख पाकिस्तान से रिश्ता रखना देश की भावना नहीं', पड़ोसी को जयशंकर की खरी-खरी

Thu, 08 Jun 2023 11:24 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 08 Jun 2023 11:24 PM IST
सार

विदेश मंत्री ने कहा कि अगर पाकिस्तान संबंधों को आगे ले जाना चाहता है, तो उसे पता है कि उसे क्या करना है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किनारे रख कर पाकिस्तान से सहयोग बढ़ाएं यह मोदी सरकार की सोच नहीं है और ना ही देश की भावना है।
 

विज्ञापन
S Jaishankar says India will not tolerate cross border terrorist activities
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर - फोटो : Twitter/Dr. S Jaishankar (File)

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कर दिया है कि भारत के साथ रिश्ते सामान्य करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है। उन्होंने गुरुवार को एक विशेष मीडिया ब्रीफ्रिंग में उन्होंने कहा कि भारत सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। वह अपनी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत इस्लामाबाद के साथ संबंध सुधारने के लिए आतंकवाद को किनारे नहीं रख सकता है।

विज्ञापन


पाकिस्तान को पता है हमसे संबंध बनाने के लिए उसे क्या करना है
उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान संबंधों को आगे ले जाना चाहता है, तो उसे पता है कि उसे क्या करना है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किनारे रख कर पाकिस्तान से सहयोग बढ़ाएं यह मोदी सरकार की सोच नहीं है और ना ही देश की भावना है।
विज्ञापन

 
भारत की 'पड़ोसी पहले नीति' पर एक सवाल का जवाब देते हुए, जयशंकर ने कहा कि इसने कनेक्टिविटी, बिजली और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने पर यह बोले जयशंकर
इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह एक बहु प्रतीक्षित कदम था। ऐसा करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि 2019 में जो किया गया वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक लंबे समय से प्रतीक्षित कदम था। उन्होंने इसे एक ऐसी चीज के रूप में देखा जिसे उन्हें दबाते रहना चाहिए और उपयोग करते रहना चाहिए और भारत को असंतुलित रखने के तरीके के रूप में मुड़ना चाहिए। अगर हम इसे सही नहीं कर पाते हैं, तो आप दुनिया से इसे सही करने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि दुनिया भर के कई देश अब इस मुद्दे पर भारत के नजरिए को समझते हैं।


विदेश मंत्री ने कहा कि हमे लोगों को यह समझने में बहुत समय लगा कि यह किस बारे में है। हमारी समस्या यह थी कि बहुत सारी झूठी कथाएं फैलाई गई थीं। हमें उनके बारे में भी लोगों को समझाना पड़ा। उन्होंने कहा कि मुझे कोई कारण नहीं दिखता कि क्यों जम्मू और कश्मीर को न केवल विकास बल्कि वैश्वीकरण के उन लाभों से वंचित किया जाना चाहिए, जो शेष भारत को मिल रहा है। मुझे लगता है कि यह उनका अधिकार है और हमें इसे बढ़ावा देना चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed