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S400 Missile: भारत को एस-400 मिसाइल की अंतिम खेप 2026 तक देगा रूस, यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध की वजह से देरी

Wed, 20 Mar 2024 09:58 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Wed, 20 Mar 2024 09:58 PM IST
सार

वायु रक्षा प्रणाली 400 किलोमीटर तक लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। यूक्रेन के साथ युद्ध के चलते रूस ने भारत को एस-400 लंबी दूरी की वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के शेष दो स्क्वाड्रन को लेकर कहा कि वह इसे अगस्त 2026 तक आपूर्ति कर सकेंगे

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Russia to deliver last two squadrons of S-400 air defence missiles by 2026 to India
S-400 डिफेंस सिस्टम (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

यूक्रेन के साथ युद्ध के चलते रूस ने भारत को एस-400 लंबी दूरी की वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के शेष दो स्क्वाड्रन को लेकर कहा कि वह इसे अगस्त 2026 तक आपूर्ति कर सकेंगे। गौरतलब है कि रूस और भारत ने एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के पांच स्क्वाड्रन खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिनमें से तीन की आपूर्ति पहले ही की जा चुकी है, जबकि शेष दो की आपूर्ति रूस-यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर बनी स्थितियों के कारण समय पर नहीं की जा सकी। 
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2026 होगी अंतिम एस-400 खेप की आपूर्ति
सूत्रों के मुताबिक, रूसी पक्ष ने कहा कि वे अब अगस्त 2026 तक अत्यधिक सक्षम वायु रक्षा प्रणालियों के दो शेष स्क्वाड्रन की आपूर्ति करेंगे। वायु रक्षा प्रणाली 400 किलोमीटर तक लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। गौरतलब है कि 2024 तक सभी प्रणालियां वितरित करने की उम्मीद थी, लेकिन यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष के कारण इसमें खासा देरी हो गई है। भारत और रूस ने एस-400 वायु रक्षा मिसाइलों के पांच स्क्वाड्रन के लिए 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। 
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वायु रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर
भारतीय वायु सेना ने हाल के वर्षों में अपनी वायु रक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार किया है। भारतीय वायु सेना ने अब अपने स्वयं के प्रोजेक्ट 'कुशा' पर काम करना शुरू कर दिया है, जो उसे लंबी दूरी पर दुश्मन के प्लेटफार्मों को मार गिराने के लिए डीआरडीओ द्वारा विकसित एक स्वदेशी प्रणाली की अनुमति देगा। वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार चीन सेना द्वारा बड़े पैमाने पर वायु रक्षा प्रणालियां तैनात की गई हैं, जबकि भारत ने भी वहां बड़े पैमाने पर अपनी प्रणालियां तैनात की हैं।
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