Russia-India Relation: रूस बोला-आर्थिक महाशक्ति है भारत, इसकी क्षमता को नहीं किया जा सकता नजरअंदाज
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी भारत का बड़ा प्रभाव है, इससे दूसरे देश पार नहीं पा सकते। इस बीच उन्होंने भारत के साथ ही चीन का जिक्र करते हुए कहा, ये देश अपने-अपने क्षेत्र के लिए पावरहाउस का काम करते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक बार फिर से भारत, भारत की शक्ति और आर्थिक स्थिति को लेकर सराहना की है। विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत को आर्थिक महाशक्ति बताया है। उन्होंने अफ्रीकी दौरे पर भारत की प्रशंसा करते हुए उसे दक्षिण एशिया का पावरहाउस तक कहा है। लावरोव ने कहा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी भारत का बड़ा प्रभाव है, इससे दूसरे देश पार नहीं पा सकते। इस बीच उन्होंने भारत के साथ ही चीन का जिक्र करते हुए कहा, ये देश अपने-अपने क्षेत्र के लिए पावरहाउस का काम करते हैं। वैश्विक स्तर पर भी इनकी क्षमता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। एजेंसी
विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव बोले-भारत को नजरअंदाज नहीं कर सकते
आर्थिक विकास के मामले में भारत प्रमुख देशों में शामिल है। इसके अलावा उसके पास कई चुनौतियों से निपटने का अच्छा अनुभव है। भारत की एशिया पर पकड़ भी अच्छी है। ऐसे में भारत की दावेदारी यूएनएससी के लिए मजबूत है। इससे पहले भी रूस ने भारत का समर्थन किया था।
बाधा डाल रहे पश्चिमी देश...
विदेश मंत्री लावरोव ने पश्चिम के देशों और अमेरिका पर आरोप लगाया कि वे यूक्रेन के साथ बातचीत में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा, शुरुआत से ही रूस-यूक्रेन के साथ बात करना चाहता था, पश्चिमी देश यूक्रेन कगुमराह कर रहे हैं।
यूएनएससी की सदस्यता के लिए किया था भारत का समर्थन...बता दें कि इससे पहले भी लावरोव ने भारत को यूएनएससी का स्थायी सदस्य बनाने का समर्थन किया था। दिसंबर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फोरम में उन्होंने कहा था कि दुनिया के अहम मुद्दों पर भारत के मजबूत समर्थन ने उसकी अहमियत बढ़ा दी है। रूसी विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत की भूमिका संयुक्त राष्ट्र में ही नहीं, क्षेत्रीय संगठनों में भी बहुत बढ़ी है।