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MGNREGA: ड्रोन से की जाएगी मनरेगा में होने वाले कामों की निगरानी, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने तैयार की नीति

Sun, 20 Aug 2023 03:23 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 20 Aug 2023 03:23 PM IST
सार

ग्रामीण मंत्रालय ने कहा कि मनरेगा में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हैं। इनमें मजदूरों के स्थान पर मशीनों का इस्तेमाल किया जाना और बिना काम किए कुछ लोगों को वेतन मिलना शामिल हैं। ऐसे मामलों में ड्रोन सबूत जुटाने में मददगार होंगे।

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Rural Development Ministry pushes for use of drones to monitor MNREGS work
drone - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत कार्यों की निगरानी के लिए ड्रोन के उपयोग के लिए एक नई नीति तैयार की है। 

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ड्रोन एजेंसियों को हायर करने का निर्देश
बता दें, ड्रोन की मदद से जारी कामों की मॉनिटरिंग, पूरे हो चुके काम की जांच, काम का आकलन और शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। हालांकि, केंद्र सरकार इन ड्रोन्स के लिए राज्य सरकारों को अतिरिक्त फंड नहीं देगी, बल्कि राज्यों को मनरेगा के लिए दी जाने वाली राशि में से आकस्मिक खर्च के लिए होने वाले आवंटन से ही ड्रोन के लिए राशि तय की जाएगी।

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भ्रष्टाचार की शिकायतों पर लगेगी रोक
ग्रामीण मंत्रालय ने कहा कि मनरेगा में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हैं। इनमें मजदूरों के स्थान पर मशीनों का इस्तेमाल किया जाना और बिना काम किए कुछ लोगों को वेतन मिलना शामिल हैं। ऐसे मामलों में ड्रोन सबूत जुटाने में मददगार होंगे।

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निरीक्षण के लिए ड्रोन का उपयोग करने का प्रस्ताव
मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कहना है कि महात्मा गांधी नरेगा के तहत कार्यों और संपत्तियों की गुणवत्ता की निगरानी और निरीक्षण के लिए ड्रोन का उपयोग करने का प्रस्ताव किया गया है। काम शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद ड्रोन से निगरानी की जाएगी। वहीं, ड्रोन का इस्तेमाल लोकपाल करेगा। इसके लिए प्रत्येक जिले में एक लोकपाल तैनात किया जाएग, जो स्वत: संज्ञान लेकर शिकायतों को दर्ज करके उन्हें 30 दिनों के भीतर निपटाएगा।


उच्च गुणवत्ता वाला हो कैमरा
मंत्रालय ने अपने एसओपी में निर्देश दिया है कि इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन में उच्च गुणवत्ता वाला कैमरा होना चाहिए। आंशिक रूप से तेज हवाओं से बचने का भी सुझाव दिया गया है। ड्रोन को कम से कम 30 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम होना चाहिए। डेटा विश्लेषण और रिपोर्टिंग के लिए ड्रोन से इकठ्ठा किए गए वीडियो और तस्वीरों को कलेक्ट करने के लिए एक सेंट्रलाइज डैशबोर्ड बनाने का भी प्रस्ताव रखा है।


पीएम मोदी ने ड्रोन संचालन पर दिया था जोर
77वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया था। पीएम ने कहा कि 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन के संचालन और मरम्मत के लिए ऋण और प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

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