रुपया गिरने से कांग्रेस के निशाने पर मोदी सरकार, कहा- आर्थिक संकट को स्वीकारे भाजपा
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वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती के चलते भारतीय रुपये में गिरावट का दौर जारी है। सोमवार को रुपया पहली बार 71.21 रुपये के करीब पहुंच गया। इस पर कांग्रेस ने डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार आ रही गिरावट और निर्यात के लिए ऋण सुविधा में कमी को लेकर मंगलवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह सरकार ‘गंभीर आर्थिक संकट’ को मानने से भी इनकार कर रही है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘‘एक तरफ डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार गिरावट आ रही है तो दूसरी तरफ निर्यात के लिए ऋण सुविधा में 47 फीसदी की कमी आई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब है और मोदी सरकार ने चुप्पी साध रखी है। गंभीर आर्थिक संकट का निवारण तो दूर की बात है, यह सरकार इसे स्वीकारने को भी तैयार नहीं है। यह संकट विफल ‘मोदीनॉमिक्स’ (मोदी का अर्थशास्त्र) का परिणाम है।’’
सुरजेवाला ने घरेलू इस्पात कंपनियों को सस्ते आयात से बचाने के लिए उठाए गए कदम को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय बताएंगे कि आम इस्पात उपयोगकर्ताओं की कीमत पर कितने का मुनाफा कमाया गया है?
On one hand, ₹ slides uncontrollably,
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) September 4, 2018
‘Exports Credit’ declines by 47% !
Economy in doldrums as Modi Govt remains on ‘mute’ mode, refusing to address or even acknowledge the ‘grave economic crisis’ spurred by the failure of failed ‘Modinomics’. pic.twitter.com/9rN4ArTu1n
सुरजेवाला ने जिस खबर को शेयर किया उसमें कहा गया है कि सरकार ने घरेलू इस्पात कंपनियों को सस्ते आयात से बचाने के लिए शुल्क इत्यादि को बढ़ाया है। लेकिन इससे घरेलू स्तर पर बड़े पैमाने में इस्पात की खरीद करने वाली कई कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इससे उनके ऊपर दबाव बढ़ा है। ऐसे में सरकार ने इस्पात कंपनियों को चेतावनी दी है कि वह ‘मुनाफाखोरी’ में लिप्त ना हों अन्यथा वह बड़ी कंपनियों को बाहर से सस्ता इस्पात आयात करने की अनुमति दे देगी।
अब मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 71.27 के रिकॉर्ड निम्न स्तर पर पहुंच गया है। वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार दसवें दिन बढ़ोतरी हुई। सभी मेट्रो सिटीज के मुकाबले मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सबसे ज्यादा हैं। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 86.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 75.74 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है।
यह एक चिंता का विषय बन चुका है। रुपये के गिरने का सीधा असर सेंसेक्स और निफटी पर भी पड़ा है। मंगलवार को भी सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट जारी रही। सोमवार को तेजी से शुरुआत के बाद बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था। सोमवार को सेंसेक्स 332.55 अंक गिकरकर 38,312.52 पर पहुंच गया था। जो कि मंगलवार को 38,226.81 पर आ गया। वहीं निफ्टी सोमवार को 98 अंक गिरकर 11582 पर बंद हुआ और मंगलवार को 11,545.75 पर बंद हुआ।
वहीं केंद्र सरकार भी प्राकृतिक गैस के दामों में बढ़ोतरी करने जा रही है। इससे पहले शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे की गिरावट के साथ 70.95 के स्तर पर खुला था। गुरुवार को महीने के अंत में डॉलर की डिमांड और क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से रुपया 15 पैसे टूटकर 70.74 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था। बता दें कि इस साल रुपया अब तक लगभग 10 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। जानकारों का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 72 का स्तर छू सकता है, जिससे क्रूड खरीदना और महंगा होगा।