विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के इनकार के बाद भी मिल सकते हैं पीएम मोदी और शरीफ
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शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच भेंट-मुलाकात की कोई संभावना नहीं है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दो टूक शब्दों में खारिज करते हुए कहा कि न ही दोनों शिखर नेताओं के बीच भेंट के लिए पाकिस्तान ने कोई पहल की है और न ही भारत ने कोई प्रयास किया है। सुषमा स्वराज ने कहा कि किसी तरह की मुलाकात तय नहीं है। न तो उनकी तरफ से और न ही हमारी तरफ से। विदेश मंत्री इस तरह से स्पष्ट बयान देने के बाद भी अटकलें लग रही है कि अस्ताना में मोदी और नवाज की मुलाकात हो सकती है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के बीच में इस तरह की पहल नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों के शिखर नेता एक ही दिन एक ही शहर में और एक छत के नीचे में होंगे। ऐसे में पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार भले ही भेंट न हो लेकिन यदि इसकी संभावना बन जाए तो कहा नहीं जा सकता। इससे पहले जुलाई 2015 में भी दोनों नेताओं के बीच ऊफा में मुलाकात हुई थी। उस समयी दोनों देशों के शिखर नेता शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेने गए थे। तब भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद के विरुद्ध मिलकर साझा कदम उठाने पर सहमति बनी थी।
भारत और पाकिस्तान के बीच में इस समय तनाव काफी बढ़ गया है। सीमा पार की घुसपैठ और आतंकवाद भी बढ़ा है। पाकिस्तान से प्रायोजित आतंकवाद से मुकाबले के लिए भारतीय सुरक्षा बल लगातार करारा जवाब दे रहे हैं। दोनों देशों की सैन्य नीति में भी बड़ा बदलाव आया है। एक तरफ जहां भारत पाकिस्तान के आतंकी शिविरों पर हमले, बंकरों को तबाह करने का आरोप लगा रहा है, वीडियो जारी कर रहा है, वहीं पाकिस्तान भी इसी नीति पर उतर आया है।
दोनों देशों के सैन्य प्रवक्ता एक दूसरे के दावे को खारिज करने की रणनीति अपना रहे हैं। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि इन घटनाक्रमों के बीच भारत और पाकिस्तान के ऊपर शांतिवार्ता को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में इसकी काफी हद तक संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अस्ताना में एससीओ की बैठक से इतर एक दूसरे से भेंट-मुलाकात कर लें। इससे पहले भी बहुत बार ऐसा हुआ है, जब तनावपूर्ण संबंधों के बीच दोनों देशों के शिखर नेता किसी तीसरे देश में साइडलाइन में मिलते रहे हैं।