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आतंकवाद के खिलाफ मुस्लिम युवाओं को खड़ा करेगा संघ
शादाब रिजवी/ नई दिल्ली
Updated Thu, 06 Oct 2016 04:49 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ देश में बने माहौल के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मुस्लिम युवाओं को आतंकवाद के खिलाफ खड़ा करने की मुहिम छेड़ी है। देशभर के जिलों, कालेजों और विश्वविद्यालयों में आरएसएस का अनुसांगिक संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच गोष्ठी और सम्मेलन करेगा। इस मुहिम की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिन 15 अक्तूबर से मेवात के नगीना से होगी।
आरएसएस राष्ट्रवाद का माहौल पैदा करने की भरपूर कोशिश में है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का मानना है कि 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद जैसा राष्ट्रवाद का माहौल अब सर्जिकल स्ट्राइक होने पर भी बना है। मंच का मानना है कि इस माहौल में मुस्लिमों की बड़े पैमाने पर भागीदारी कराकर खास संदेश दिया जा सकता है। जितनी तेज आवाज में आतंकवाद के खिलाफ मुस्लिम आवाज बुलंद करेगा उतना ही राष्ट्रवाद का माहौल पैदा होगा।
इसी अलख को जगाने के लिए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने युवाओं को जोड़ने की मुहिम छेड़ी है। सबसे पहले 15 अक्तूबर को मेवात के नगीना में मुस्लिम युवा-छात्र सम्मेलन रखा गया है। जिसमें सैकड़ों युवाओं के शिरकत करने की उम्मीद है। उसके बाद जगह जगह ऐसे आयोजन होंगे। दिसंबर में दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। जिसमें संघ के नेता और मुस्लिम बुद्धिजीवी शिरकत करेंगे। इस आयोजन से संघ की कोशिश है कि राष्ट्रविरोधी ताकतों के बहकावे में आने से युवाओं को रोका जा सके। उन्हें शिक्षा और रोजगार की दिशा में स्वावलंबी बनाया जा सके। गौरतलब है कि मेवात में ही 29 सिंतबर को प्रोग्रेस पंचायत का आयोजन किया जा चुका है।
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आरएसएस राष्ट्रवाद का माहौल पैदा करने की भरपूर कोशिश में है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का मानना है कि 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद जैसा राष्ट्रवाद का माहौल अब सर्जिकल स्ट्राइक होने पर भी बना है। मंच का मानना है कि इस माहौल में मुस्लिमों की बड़े पैमाने पर भागीदारी कराकर खास संदेश दिया जा सकता है। जितनी तेज आवाज में आतंकवाद के खिलाफ मुस्लिम आवाज बुलंद करेगा उतना ही राष्ट्रवाद का माहौल पैदा होगा।
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इसी अलख को जगाने के लिए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने युवाओं को जोड़ने की मुहिम छेड़ी है। सबसे पहले 15 अक्तूबर को मेवात के नगीना में मुस्लिम युवा-छात्र सम्मेलन रखा गया है। जिसमें सैकड़ों युवाओं के शिरकत करने की उम्मीद है। उसके बाद जगह जगह ऐसे आयोजन होंगे। दिसंबर में दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। जिसमें संघ के नेता और मुस्लिम बुद्धिजीवी शिरकत करेंगे। इस आयोजन से संघ की कोशिश है कि राष्ट्रविरोधी ताकतों के बहकावे में आने से युवाओं को रोका जा सके। उन्हें शिक्षा और रोजगार की दिशा में स्वावलंबी बनाया जा सके। गौरतलब है कि मेवात में ही 29 सिंतबर को प्रोग्रेस पंचायत का आयोजन किया जा चुका है।
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