वेंकैया नायडू बोले- योगी आदित्यनाथ को चुनने में नहीं है RSS की कोई भूमिका
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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद उनके प्रति आलोचनाएं और प्रतिक्रियाएं थम नहीं रही हैं। इसी को देखते हुए सोमवार को केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि कोई यह न समझे कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की राय पर बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ को बतौर मुख्यमंत्री चुना। उन्होंने कहा कि पार्टी के किसी भी फैसले में संघ का दखल नहीं होता है। वेंकैया नायडू इस बार के चुनावों में राज्य विधानमंडल दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। नायडू का बयान रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती के सवाल पर आया।
मायावती ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी हिंदु ध्रुवीकरण के सहारे जीतना चाहती है, इसलिए हिंदुत्व का पर्याय बने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया है।
इन तमाम आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए नायडू ने कहा कि योगी को मुख्यमंत्री चुनने में पार्टी के संविधान का पालन किया गया। योगी को विधायक दल ने अपना नेता चुना। हार से तिलमिला रहे विपक्ष को नायडू ने सलाह दी कि वह इन हालातों में भी शीलता का परिचय दे और नए मुख्यमंत्री को भारी जनादेश से मिले सुअवसर को स्वीकार करे।
'योगी'राज में होगा सभी तबकों का विकास: नायडू
वेंकैया नायडू ने कहा कि चुने हुए विधायकों से उन्हें जो प्रतिक्रिया मिली, उसे उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को बताया। उसके बाद विधायकों की बैठक हुई। बैठक में सुरेश खन्ना और नौ अन्य विधायकों ने योगी आदित्यनाथ को लेकर प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद सभी विधायक खड़े हो गए और सर्वसम्मति से योगी के नाम पर मुहर लगा दी। इसलिए योगी को सीएम बनाने का फैसला उत्तर प्रदेश के विधायकों का है, जिस पर केंद्र ने मुहर लगाई है।
नायडू ने 'योगी'राज के प्रति आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि बगैर किसी भेदभाव के वह समाज के सभी तबकों के हित के लिए काम करेंगे।
'जाति-धर्म की राजनीति भूतकाल बनकर रह जाएगी'
नायडू ने यह भी कहा कि योगी को पता है कि प्रधानमंत्री का विजन और मिशन क्या है। योगी प्रधानमंत्री मोदी के सूत्र वाक्य 'सबका साथ सबका विकास' पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि योगी जातिवाद और भेदभाव से परे हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश उन पर सांप्रदायिक होने के आरोप लग रहे हैं।
नायडू ने उम्मीद जताई के योगी अपने काम से आलोचकों को जवाब देंगे।
नायडू ने कहा कि राज्यों के चुनावों के नतीजों को देखते हुए यह साफ हो गया है कि अब लोग जाति-धर्म से ऊपर उठकर वोट दे रहे हैं और आने वाले दिनों में जाति-धर्म की राजनीति भूतकाल बनकर रह जाएगी। आज लोग विकास चाहते हैं, वे समावेशी विकास चाहते हैं।