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सरकार के ‘हार्वर्ड’ के सलाहकारों पर भारतीय मजदूर संघ का हमला
एजेंसी, नागपुर
Updated Sun, 08 Oct 2017 02:14 AM IST
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भारतीय मजदूर संघ 17 नवंबर को नई दिल्ली में ‘संसद तक मार्च’ निकालेगा
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आरएसएस के मजदूर संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने शनिवार को सरकार के विभिन्न निकायों के साथ काम कर रहे हार्वर्ड से पढ़े सलाहकारों पर तीखा हमला बोला है। संगठन का कहना है कि ये सलाहकार भारत की जमीनी हकीकत को नहीं जानते हैं। बीएमएस ने भाजपा नीत एनडीए सरकार से सरकारी कंपनियों का विनिवेश रोकने की भी मांग की है।
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बीएमएस के पदाधिकारियों की दो दिवसीय बैठक के समापन पर एक प्रेस कांफ्रेंस में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव ब्रजेश उपाध्याय ने कहा, उनका संगठन दूसरे मजदूर संगठनों के साथ 17 नवंबर को नई दिल्ली में ‘संसद तक मार्च’ निकालेगा। इसका उद्देश्य आर्थिक नीतियों के कारण कामकाजी लोगों और आम आदमी पर पड़ रहे प्रभाव का रास्ता निकालने के लिए सरकार पर दबाव डालना है।
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विभिन्न सार्वजनिक निकायों एवं मंचों के आर्थिक सलाहकारों पर हमला बोलते हुए बीएमएस के नेता ने दावा किया, ‘ये लोग हकीकत से अनजान हैं। किसी भी सलाहकार अथवा परामर्शदाता का जमीनी जुड़ाव नहीं है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़े ये लोग छोटे देशों को लेकर सीमित जानकारी रखते हैं और उसे भारत जैसे विशाल देश पर लागू करते हैं। यह किसी तरह से व्यावहारिक नहीं है।’
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संगठन ने कहा कि सरकारी मंचों पर काम कर रहे सभी सलाहकारों को बदला जाना चाहिए और उनके बदले जमीनी हकीकत को समझने वाले लोगों को नीति निर्माण में लगाया जाना चाहिए। उपाध्याय ने सरकार को विनिवेश के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने कहा, सरकार रणनीति के तहत सार्वजनिक कंपनियों को बेच रही है या उनका विनिवेश कर रही है।
बीएमएस इसका विरोध नहीं करती है। लेकिन सरकारी क्षेत्र की कंपनियों के कुछ सामाजिक और सरकारी दायित्व होते हैं। सरकार को इन दायित्वों को निजी क्षेत्र पर भी डालना चाहिए।