फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   RSS concerned by the corporate agenda of NITI Commission

नीति आयोग के कारपोरेट एजेंडे से संघ चिंतित

Tue, 20 Dec 2016 03:21 AM IST
एम संजय/ अमर उजाला, नई दिल्ली
एम संजय/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 20 Dec 2016 03:21 AM IST
विज्ञापन
RSS concerned by the corporate agenda of NITI Commission
फाइल फोटो

नीति आयोग के कामकाज को लेकर अब सरकार के अपनों का ही सब्र जवाब देने लगा है। गठन के दो वर्ष के बाद भी आयोग अब तक अपनी अमिट छाप छोड़ने में नाकाम रहा है। इतना ही नहीं उसके कारपोरेट एजेंडे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चिंता बढ़ा दी है। 

विज्ञापन


आर्थिक क्षेत्र में कामकाज करने वाले संघ से जुड़ा संगठन स्वदेशी जागरण मंच नीति आयोग के कामकाज की समीक्षा के लिए 10 जनवरी को एक विशेष सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। इसमें अटल सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा, मुरली मनोहर जोशी और शांता कुमार सरीखे भाजपा नेता कामकाज के मामले में नीति आयोग को कसौटी पर परखेंगे।
विज्ञापन


स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्विनी महाजन ने अमर उजाला को बताया कि नीति आयोग के गठन को दो वर्ष हो चुके हैं। इसलिए इसके कामकाज की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे आयोग के सभी रिपोर्टों का अध्ययन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल संघ की चिंता यह है कि संघवाद को बढ़ावा देने के मकसद से पीएम मोदी ने लाल किला से अपने पहले संबोधन में योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग का गठन किया था। मगर आयोग के कामकाज उसे अब तक संतोषजनक नजर नहीं आ रहे हैं।

'नीति आयोग भी पुराने योजना आयोग की राह पर बढ़ता दिख रहा'

RSS concerned by the corporate agenda of NITI Commission

नीति आयोग भी पुराने योजना आयोग की राह पर बढ़ता दिख रहा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों की भरमार है। संवाद के मामले में भी यह एकतरफा संवाद वाला संगठन बन गया है। बनाते समय इस बात की अपेक्षा की गई थी कि यह नीचे से विचार लेकर ऊपर की नीति बनाएगा। मगर नीति आयोग भी ऊपर के विचारों को ही नीचे प्रसारित कर रहा है।

स्वदेशी जागरण मंच का कहना है कि नीति आयोग ने कृषि, स्वास्थ्य और विनिर्माण के क्षेत्र में कारपोरेट के एजेंडे को ही आगे बढ़ाया है। संघ की नाराजगी जीएम फसलों को बढ़ावा देने के मामले को लेकर ज्यादा है। अश्विनी महाजन के अनुसार 10 जनवरी के सम्मेलन में नीति आयोग के अस्तित्व, इसकी अहमियत और इसके भविष्य के राह पर मंथन होगा।

सम्मेलन में भाजपा के तीन वरिष्ठ नेताओं के अलावा देश के जानेमाने अर्थशास्त्री विश्वजीत धर, डॉ. राजीव कुमार और अभिजीत सेन को भी आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा नीति आयोग के सदस्य, योजना आयोग में कार्य कर चूके अधिकारी और लाभान्वित सदस्यों को भी बुलाया गया है। इसमें देश-दुनिया से आने वाले अर्थशास्त्री आयोग के कामकाज की समीक्षा करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed