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Nupur Sharma: आरएसएस बोला- कन्हैयालाल की हत्या उकसावे वाली कार्रवाई नहीं, एक विशेष विचारधारा है जिम्मेदार

Sat, 02 Jul 2022 04:09 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 02 Jul 2022 04:09 PM IST
सार

विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि किसी मामले की सुनवाई करने के दौरान विषय को ठीक से समझने के लिए न्यायमूर्ति कई बार अलग-अलग तरह की टिप्पणियां करते हैं। लेकिन फैसले में इनका उल्लेख न होने पर इसे उसके निर्णय का हिस्सा नहीं माना जा सकता...

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RSS and VHP not agree with the harsh remarks made by the Supreme Court on Nupur Sharma
नुपुर शर्मा - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

नूपुर शर्मा पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई कठोर टिप्पणी से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) सहमत नहीं हैं। संघ ने कहा है कि कन्हैयालाल की हत्या को केवल नूपुर शर्मा द्वारा की गई टिप्पणी के कारण उकसावे में आकर की गई कार्रवाई करार नहीं दिया जा सकता। संघ के मुताबिक, इस तरह के अमानवीय कार्य एक विशेष विचारधारा के प्रभाव में आने के कारण किए जाते हैं। पूरी दुनिया में ऐसा हो रहा है और उसके लिए किसी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई को जिम्मेदार नहीं कहा जा सकता।

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने शुक्रवार को कहा कि तालिबान अपने अमानवीय कार्यों के लिए पूरी दुनिया में कुख्यात है। वह बेकसूर लोगों की हत्या को अंजाम दे रहा है। उसके जैसे कई और संगठन पूरी दुनिया में इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इससे पूरी दुनिया के सामने एक खतरा पैदा हुआ है, लेकिन देखा जा सकता है कि इन कार्यों के पीछे कोई उकसावे की कार्रवाई जिम्मेदार नहीं है, बल्कि यह एक विशेष विचारधारा के प्रभाव में आने के कारण किया जा रहा है। यह पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात है।
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सुप्रीम कोर्ट से हुई निराशा- विहिप

वहीं, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि किसी मामले की सुनवाई करने के दौरान विषय को ठीक से समझने के लिए न्यायमूर्ति कई बार अलग-अलग तरह की टिप्पणियां करते हैं। लेकिन फैसले में इनका उल्लेख न होने पर इसे उसके निर्णय का हिस्सा नहीं माना जा सकता। नूपुर शर्मा पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी को केवल इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। हालांकि, उन्हें इस बात से भारी निराशा हुई है कि नूपुर शर्मा की जान पर बड़ा खतरा होते हुए भी उन्हें कोई राहत प्रदान नहीं की गई।


उन्होंने कहा कि केवल नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण लोगों की हत्याएं की जा रही हैं, ऐसे में नूपुर शर्मा की जान पर खतरा कहीं ज्यादा है। इसे देखते हुए उनके सभी मामलों को तत्काल दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि एमएफ हुसैन के मामले में ऐसा पहले भी किया जा चुका है।  


इन संगठनों के ये बयान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उस टिप्पणी के बाद आए हैं, जिसमें उसने नूपुर शर्मा को पूरे देश में हो रहे दंगों के लिए जिम्मेदार करार दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने यहां तक कहा कि उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के लिए भी नूपुर शर्मा की टिप्पणी जिम्मेदार है। सर्वोच्च अदालत ने नूपुर शर्मा को सत्ता का साथ होने के कारण लापरवाह होने की बात भी कही है।

पश्चिम बंगाल: नूपुर शर्मा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी
कोलकाता पुलिस ने निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया। इससे पहले उन्हें एमहर्स्ट और नारकेलडांगा पुलिस थाने में पेश होने के लिए कहा गया था। हालांकि, वह उनके सामने पेश नहीं हुई तथा उन्होंने और समय मांगा है।

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