प्रियंका गांधी ने कहा, 'एसपीजी ने सुरक्षा कारणों से लुटियंस जोन में रहने को कहा था'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोधी स्टेट में आवंटित सरकारी बंगले के किराये को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा ने सफाई दी है। प्रियंका ने कहा है कि किराये को लेकर सरकार को चिट्ठी उन्होंने एसपीजी के कारण लिखी थी। उन्होंने कहा कि एसपीजी ने सुरक्षा कारणों से उन्हें लुटियंस जोन में रहने के लिए कहा था।
प्रियंका ने अपनी सफाई एक समाचार एजेंसी को ट्वीट करके दी है। इसमें उन्होंने कहा कि वह एक छोटे घर में जाना चाहती थीं, लेकिन एसपीजी ने इसे सुरक्षा कारणों से सही नहीं बताया। एसपीजी ने लुटियंस जोन में रहने के लिए कहा और बंगले का किराया अचानक बढ़ा दिया गया। इसलिए उन्हें तत्कालीन सरकार को यह चिट्ठी लिखनी पड़ा।
दरअसल, प्रियंका को यह स्पष्टीकरण आरटीआई के जरिये हुए खुलासे के कारण देना पड़ा। इसमें कहा गया है कि प्रियंका वाड्रा ने 2002 में तत्कालीन वाजपेयी सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि वह लोधी स्टेट में आवंटित बंगले के किराये के रूप में 53,000 रुपये प्रतिमाह देने में असमर्थ हैं। इसके बाद सरकार ने उनके पत्र पर विचार करते हुए किराये की राशि कम कर दी थी।
मालूम हो कि प्रियंका के अलावा इस स्तर का बंगला पंजाब पुलिस के पूर्व प्रमुख केपीएस गिल, आतंकवाद के विरुद्ध अभियान चलाने वाले एमएस बिट्टा और एक अखबार के मालिक को आवंटित हुआ था जो कि बाद में इसे खाली करके चले गए। प्रियंका, गिल और बिट्टा आवंटित बंगले में यथावत रह रहे हैं।