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SC: मंदिर में दीया जलाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची तमिलनाडु सरकार, उच्च न्यायालय के आदेश को दी चुनौती

Fri, 05 Dec 2025 01:36 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 05 Dec 2025 01:36 PM IST
सार

तमिलनाडु के मदुरै में एक देवस्थान पर दीया प्रज्वलित करने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ तमिलनाडु सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई है। सुप्रीम कोर्ट भी सुनवाई पर सहमत हो गया है। 

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Row over lamp lighting at temple Supreme court agrees to consider hearing plea Tamil nadu against HC order
मंदिर में दीया जलाने का विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर सुनवाई की सहमति दे दी, जिसमें मदुरै में थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित दीये को प्रज्वलित करने के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील की दलीलों को सुना और कहा कि याचिका को एक पीठ के सामने सूचीबद्ध करने पर विचार किया जाएगा।
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मद्रास उच्च न्यायालय ने दी थी दीया प्रज्वलित करने की मंजूरी
मद्रास उच्च न्यायालय ने अरुलमिघु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर के श्रद्धालुओं को थिरुप्रनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित पारंपरिक कार्तिगई दीपम को प्रज्वलित करने की मंजूरी दी थी। पत्थर के जिस दीए 'दीपाथून' को प्रज्वलित किया जाना है, वह एक दरगाह के नजदीक है। इसे ही लेकर विवाद है। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने गुरुवार को मदुरै जिलाधिकारी और शहर के पुलिस कमिश्नर की एक इंट्रा-कोर्ट अपील खारिज कर दी थी और श्रद्धालुओं को दीप प्रज्जवलित करने की मंजूरी दी थी। जिसके खिलाफ तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। 
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इस मामले में क्या-क्या हुआ
दरअसल 1 दिसंबर को मद्रास हाईकोर्ट की जस्टिस जीआर स्वामीनाथन की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा कि दीपाथून पर दीया प्रज्वलित करने की जिम्मेदारी अरुलमिघु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर की जिम्मेदारी है। साथ ही कहा कि ऐसा करना नजदीकी दरगाह और मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर अतिक्रमण नहीं है। हालांकि एकल पीठ के आदेश के बावजूद दीप प्रज्वलित नहीं किया गया, जिसके बाद 3 दिसंबर को पीठ ने श्रद्धालुओं को दीप प्रज्वलित करने को कहा और सीआईएसएफ को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी। एकल पीठ के आदेश के खिलाफ मुदरै के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर ने इंट्रा-कोर्ट अपील दायर की। हालांकि उच्च न्यायालय ने इस अपील को खारिज कर दिया। 
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