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Bihar: खींचतान के बीच राबड़ी-मीसा दिल्ली की कोर्ट में तलब; जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में कार्रवाई
Sat, 27 Jan 2024 04:44 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 27 Jan 2024 04:44 PM IST
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लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी और बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव को तलब किया है। इसके अलावा अदालत ने अन्य आरोपियों को भी समन जारी किया है। अदालत ने ईडी की चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए ये आदेश जारी किया।
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अदालत ने व्यवसायी अमित कात्याल के लिए प्रोडक्शन वारंट भी जारी किया, जो वर्तमान में मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आदेश पारित करते हुए कहा कि संज्ञान लेने के लिए पर्याप्त आधार हैं। अदालत ने आरोपी व्यक्तियों की अदालत में पेश होने के लिए 9 फरवरी, 2024 की तारीख तय की है।
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विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने इस मामले में दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए कहा कि मामले में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में 9 जनवरी को लालू परिवार के अलावा हृदयानंद चौधरी, अमित कात्याल और दो कंपनियों एके इन्फोसिस्टम व एबी एक्सपोर्ट के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। धन शोधन मामले में उसका यह पहला आरोपपत्र है।
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ईडी ने कत्याल को पिछले साल नवंबर में इस मामले में गिरफ्तार किया था, जबकि लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को एजेंसी ने तलब किया था। यह कथित घोटाला उस समय का है जब प्रसाद संप्रग-1 सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि 2004 से 2009 तक भारतीय रेलवे के विभिन्न जोनों में ग्रुप 'डी' के पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया और बदले में इन लोगों ने अपनी जमीन तत्कालीन रेल मंत्री प्रसाद के परिवार के सदस्यों और एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी को हस्तांतरित कर दी थी।
पीएमएलए की आपराधिक धाराओं के तहत दर्ज धनशोधन का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज शिकायत से उपजा है। सीबीआई इस मामले में पहले भी आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।