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Rotomac Fraud Case: कोठारी पिता-पुत्र सीबीआई की ट्रांजिट रिमांड पर, रोटोमैक के 12 खाते अटैच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:09 AM IST
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सात सरकारी बैंकों का करीब 3,000 करोड़ का लोन वापस न करने के आरोपी व्यवसायी विक्रम कोठारी व उनके बेटे को सीबीआई ने एक दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लिया है। दोनों की शनिवार को लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट में पेशी होगी। पिता-पुत्र को एजेंसी ने बृहस्पतिवार को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था।
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आयकर विभाग ने शुक्रवार को अपनी जांच का दायरा बढ़ा कर पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के साथ ही रोटोमैक पेन कंपनी पर शिकंजा कस दिया। विभाग ने घोटाले से संबंधित मेहुल चौकसी के गीतांजलि समूह के अब तक 144 बैंक खाते और सावधि जमा को अटैच किया है। अधिकारियों ने बताया कि इन खातों में कुल जमा 20.26 करोड़ रुपये हैं। इसके साथ ही विभाग ने रोटोमैक समूह के एक दर्जन बैंक खाते अटैच किए हैं। इन पर 106 करोड़ रुपये का आयकर बकाया है। विभाग इस समूह के 14 खाते और चार अचल संपत्ति पहले ही अटैच कर चुका है।
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लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में किया जाएगा पेश
पटियाला हाउस स्थित एसीएमएम समर विशाल ने सीबीआई व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद एक दिन की ट्रांजिट रिमांड दी है। सीबीआई ने रिमांड मांगते हुए कहा कि विक्रम कोठारी ने 7 सरकारी बैंकों से 2,919 करोड़ रुपये का लोन लिया और उसे वापस नहीं किया। यह राशि अब बढ़कर करीब 3,700 करोड़ रुपये हो गई। आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
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7 सरकारी बैंकों का लोन न लौटाने का आरोप
वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रमोद कुमार दुबे ने कहा कि उनके मुव्वकिल के खिलाफ सीबीआई ने मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है। इस अधिनियम के तहत केवल विशेष न्यायाधीश ही आरोपियों की रिमांड दे सकते हैं। मजिस्ट्रेट कोर्ट को रिमांड देने का अधिकार नहीं है।
बचाव पक्ष ने कहा, पिछले चार दिनों से दोनों एजेंसी की हिरासत में हैं और उनकी गिरफ्तारी बृहस्पतिवार को दिखाई गई है। उनकी हिरासत व गिरफ्तारी पूरी तरह से अवैध है।
एजेंसी ने उन्हें 20 फरवरी को कानपुर से गिरफ्तार किया था, तो फिर उन्हें दिल्ली क्यों लाया गया। अब फिर दोबारा दिल्ली से लखनऊ क्यों ले जाया जा रहा है। बचाव पक्ष ने कहा, अपराध कथित रूप से लखनऊ में हुआ लेकिन एफआईआर सीबीआई के दिल्ली कार्यालय पर दर्ज की गई। अगर अपराध वहां हुआ था तो एफआईआर दिल्ली में क्यों की गई।