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Report: एक साल में कोहरे की वजह से सड़क हादसों में गईं 13 हजार जानें, इनमें से आधी मौतें इन तीन राज्यों में

Thu, 12 Jan 2023 08:45 AM IST
नितिन गौतम नई दिल्ली, अमर उजाला न्यूज डेस्क
नई दिल्ली, अमर उजाला न्यूज डेस्क Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 12 Jan 2023 08:45 AM IST
सार

Road Accidents: धुंध के चलते हुए सड़क हादसों में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में उत्तर प्रदेश में कोहरे के चलते हुए सड़क हादसों में 3782 लोगों की जान गई।

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Road accidents in india reports says in 2021 more then 13 thousand death due to fog
कोहरे से कोहराम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सर्दियों के मौसम में भारत के विभिन्न इलाकों में धुंध होना आम बात है लेकिन यह धुंध हजारों लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। दरअसल केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में ही देश में धुंध के चलते हुए सड़क हादसों में 13,372 लोगों की जान गई थी। इतना ही नहीं इन हादसों में 25,360 लोग घायल भी हुए। इनमें से आधे गंभीर रूप से घायल हुए थे। 

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धुंध के चलते हुए सड़क हादसों में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में उत्तर प्रदेश में कोहरे के चलते हुए सड़क हादसों में 3782 लोगों की जान गई। उत्तर प्रदेश के बाद बिहार (1800), मध्य प्रदेश (1233) में सबसे ज्यादा लोगों की जान गई। उल्लेखनीय है कि गोवा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में धुंध के चलते एक भी सड़क हादसा रिपोर्ट नहीं किया गया। 
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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने 'Road Accidents in India' नाम से ताजा रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में 10 लाख से ज्यादा निवासियों वाले शहरों में सभी टॉप 6 शहर उत्तर प्रदेश के हैं। इनमें सबसे आगे कानपुर (173), आगरा (108), प्रयागराज (97), गाजियाबाद (91) और लखनऊ (67), वाराणसी (56)  का नाम आता है। बिहार की राजधानी पटना में भी कोहरे के चलते हुए सड़क हादसों में साल 2021 के दौरान 56 लोगों की मौत हुई थी। 
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रिपोर्ट में कहा गया है कि "लोगों में ऐसे हादसों को लेकर जागरुकता लाने की जरूरत है। देश में जैसे जैसे हाइवे और रोड नेटवर्क का जाल बिछ रहा है, ऐसे में कुछ ऐसे उपाय करने की जरूरत है जिससे लोगों को सड़क दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अलर्ट किया जाए।"




गौरतलब है कि देश में हर साल करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है। इन मौतों में से करीब 9 फीसदी धुंध के चलते हुए हादसों की वजह से होती है। धुंध के अलावा बारिश के मौसम में भी देश में सड़क हादसों की संख्या में इजाफा देखा जाता है। 

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