{"_id":"60c5f7b8912a7a703a342455","slug":"rld-chief-jayant-chaudhary-says-fake-issues-like-love-jihad-and-cow-terrorism-will-not-be-takens-eriously-in-up-assembly-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"रालोद प्रमुख बोले: यूपी चुनाव में नहीं चलेंगे 'लव जिहाद' और 'गो आतंक' जैसे बनावटी मुद्दे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
रालोद प्रमुख बोले: यूपी चुनाव में नहीं चलेंगे 'लव जिहाद' और 'गो आतंक' जैसे बनावटी मुद्दे
Sun, 13 Jun 2021 05:49 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 13 Jun 2021 05:49 PM IST
सार
इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल चुनावों के बाद ध्यान अब 2022 में उत्तर प्रदेश में चुनावी लड़ाई की तरफ आने के बीच राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नवनियुक्त अध्यक्ष चौधरी ने कहा उनकी पार्टी विधानसभा चुनावों की दौड़ में हिंदी पट्टी के इस राज्य को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण अभियान की भेंट नहीं चढ़ने देगी। उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ विपक्ष की चुनावी संभावनाओं के बारे में जयंत चौधरी ने कहा कि जब देश दुखी और आहत हो रहा है तो हिंदी भाषियों का गढ़ भी माकूल जवाब देगा। पिछले विधानसभा चुनावों में एक भी सीट हासिल नहीं करने वाली पार्टी की किस्मत बदलने की योजना पर चौधरी ने कहा कि रालोद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर भविष्य के लिए काम करने की जरूरत है।
विज्ञापन
रालोद प्रमुख जयंत चौधरी
- फोटो : facebook.com/JayantRLD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने रविवार को कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों के प्रति भाजपा की कथित 'उदासीनता' उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में उसे बड़ा नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि 'लव जिहाद' और 'गो आतंक' जैसे बनावटी मुद्दे काम नहीं करेंगे। चुनाव में विकास के मुद्दों की ही जीत होगी।
विज्ञापन
पिछले महीने पिता चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद रालोद प्रमुख का पद संभालने वाले जयंत ने कहा कि उनकी पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच अच्छे संबंध संबंध हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जयंत ने कहा कि चुनावों के लिए औपचारिक गठबंधन पर विस्तार से काम करने की जरूरत है।
विज्ञापन
इस सवाल पर कि क्या उत्तर प्रदेश में भाजपा का सामना करने के लिए 'महागठबंधन' की जरूरत है और क्या बसपा व कांग्रेस ऐसे किसी गठबंधन का हिस्सा होंगे, चौधरी ने कहा कि उनके लिए मुद्दे पहले आते हैं और गठबंधन के सभी सहयोगियों के बीच उन मुद्दों पर समझ बनाने की जरूरत होगी।
विज्ञापन
वहीं, यह पूछे जाने पर कि पंचायत चुनावों में खराब प्रदर्शन के बावजूद क्या विधानसभा चुनावों में कांग्रेस महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस की योजनाओं और संभावनाओं पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। बता दें कि कांग्रेस पिछले कई चुनावों में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री के तौर पर राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों और राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल की खबरों पर, चौधरी ने कहा कि भाजपा महज ध्यान भटकाने की और पार्टी में असंतुष्ट तत्वों को संभालने के लिए बातचीत का भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सामाजिक बदलाव शीर्ष के एक या दो नेताओं को बदल देने से नहीं आ जाता है। जयंत ने कहा कि तथ्य यह कि प्रदेश की भाजपा सरकार जाति आधारित गणित में उलझी रही और उसने लोगों को रोजगार, आर्थिक वृद्धि और प्रभावी शासन उपलब्ध नहीं कराया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का कोविड-19 प्रबंधन घटिया रहा और कोई भी गंगा में शव मिलने के दृश्यों को भूल नहीं सकता है। चौधरी ने कहा कि अब साढ़े चार साल बाद नेतृत्व में बदलाव की अफवाहें विफलताओं से ध्यान भटकाने की बेकार कोशिश हैं।
नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनों और चुनाव में इसके मुख्य मुद्दा बन सकने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि किसानों का मुद्दा हमारे देश में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा होगा और होना चाहिए भी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक वर्ग के तौर पर लंबे वक्त से उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है।
रालोद प्रमुख ने कहा, नए कानून निजी क्षेत्र द्वारा पूरे बाजार व मूल्य श्रृंखला पर कब्जा करने की अनुमति देते हैं और इनसे एकाधिकारवाद की वजह से उत्पादकों और उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के प्रति उदासीनता एवं असंवेदनशीलता चुनावों में भाजपा को नुकसान पहुंचाएगी।