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कोलकाता: TMC मुख्यालय पर ऋतब्रत गुट ने किया कब्जा, कुणाल घोष बोले- पुलिस की मदद से जबरन ताला लगाया

Fri, 03 Jul 2026 08:07 PM IST
राहुल कुमार पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता। Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 03 Jul 2026 08:07 PM IST
सार

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर नियंत्रण करने को लेकर जारी लड़ाई शुक्रवार को तब एक नए दौर में पहुंच गई जब नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने कोलकाता में पार्टी के मुख्यालय पर कब्जा कर लिया।

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Ritabrata faction takes over TMC headquarters, escalates battle for party's political identity
ऋतब्रत बनर्जी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान ने शुक्रवार नया मोड़ ले लिया। विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने कोलकाता स्थित पार्टी के संगठनात्मक मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। यह घटनाक्रम उस दावे के एक दिन बाद सामने आया है, जब गुट ने चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश किया था।

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बागी गुट की कार्यालय में बैठक
मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र स्थित यह कार्यालय वर्ष 2022 से टीएमसी का संचालन मुख्यालय रहा है। पार्टी का मूल कार्यालय पुनर्निर्माण के चलते बंद है, जिसके बाद बाद संगठन यहां से काम कर रहा था। अब इस कार्यालय से संचालन शुरू कर बागी गुट ने खुद को संगठन का असली प्रतिनिधि साबित करने की कोशिश की है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट के बागी नेता संदीपन साहा ने कहा,  यह हमारा ऑफिस है, हमारी जिम्मेदारी है। पार्टी की भविष्य की गतिविधियां यहीं होंगी।
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ऋतब्रत बनर्जी वरिष्ठ नेताओं फिरहाद हकीम, जावेद खान, संदीपन साहा और अखरुज्जमान के साथ कार्यालय पहुंचे और वहां बैठक की। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उनका गुट ही "वास्तविक" तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है। गुट के नेताओं का कहना है कि उन्होंने कार्यालय के मालिकों के साथ आवश्यक समझौते की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब से इसी कार्यालय से पार्टी का संचालन करेंगे।
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हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद ऋतब्रत बनर्जी और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के बीच वैध नेतृत्व को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। दोनों पक्ष खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बता रहे हैं। अब तक यह विवाद संगठनात्मक दावों, प्रस्तावों और कानूनी तर्कों तक सीमित था, लेकिन शुक्रवार को मुख्यालय से संचालन शुरू करना बागी गुट की ओर से एक अहम राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। मेट्रोपॉलिटन स्थित यह कार्यालय किराये पर लिया गया था, जब पार्टी ने पुनर्निर्माण के चलते ईएम बाइपास स्थित अपने पुराने मुख्यालय को खाली किया था।

कब्जे पर ममता गुट ने प्रतिक्रिया
टीएमसी ऑफिस पर कब्जा किए जाने के बाद नेता कुणाल घोष ने कहा, आज जिन लोगों ने तृणमूल भवन में जबरन घुसकर ताला लगाया, उनके खिलाफ हमने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। परिसर में ताला लगाने की कोई जरूरत नहीं थी। पार्टी से निकाले गए लोगों को कार्यालय में प्रवेश करने का कोई अधिकार नहीं है। हमने इस बारे में पहले ही पुलिस से अनुरोध किया था। हम चाहें तो लगाया गया ताला तोड़ सकते थे, लेकिन हमने कोई गैरकानूनी या गैर-जिम्मेदाराना कदम नहीं उठाया। पुलिस से अपील के बावजूद उन्होंने उन लोगों को ताला लगाने दिया और फिर उसी ताले की सुरक्षा में खड़ी रही। जब हमने पुलिस से हमें अंदर जाने देने को कहा, तब स्थानीय पुलिस, आरएएफ और केंद्रीय बल वहीं खड़े रहे। यह तृणमूल कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश है। बंगाल की जनता और तृणमूल के कार्यकर्ता सब कुछ देख रहे हैं।

टीएमसी नेता कुनाल घोष ने कहा, अगर पार्टी के किसी  विधायक को पार्टी ऑफिस आना है, तो यह उनका अधिकार है। ये ताले क्यों लगाए जा रहे हैं?... जब तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हमले होते हैं और उन्हें मदद की जरूरत होती है, तो ये लोग अपने चुनाव क्षेत्रों में नहीं जाते। इसके बजाय वे किसी और के हाथों की कठपुतली बन गए हैं और यह सब कर रहे हैं। 


टीएमसी नेता मदन मित्रा ने कहा, केंद्रीय बल 15 मिनट के भीतर टीएमसी के एक खास गुट की सुरक्षा के लिए पहुंच गए। इससे साबित होता है कि ये लोग भाजपा की 'बी-टीम' की तरह काम कर रहे हैं। हमने कोई कानून नहीं तोड़ा है। बंगाल में हमारी पार्टी के कम से कम एक लाख कार्यालय बंद हैं और हमारे कार्यकर्ता वहां बैठ भी नहीं पा रहे हैं। उन्हें उत्पीड़न, गुंडागर्दी और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। उनकी सुरक्षा के लिए भाजपा का कोई नेता नहीं पहुंचा। पुलिस ने कहा कि वह मकान मालिक को बुलाकर समझौते की जांच करेगी। हमारे पास बगल वाले कमरे की चाबी है, फिर भी हमें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

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