अध्ययन: बढ़ता तापमान बढ़ा रहा मलेरिया का प्रकोप, मच्छरों को संक्रामक बनाने जैसी क्षमताओं को करता है प्रभावित
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार दुनियाभर में 2022 में 85 देशों में मलेरिया के लगभग 24.9 करोड़ मामले सामने आए। इनमें से 6 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। अफ्रीकी क्षेत्र मलेरिया की बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित है।
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बढ़ते तापमान की वजह से मलेरिया संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। तापमान मच्छर की लंबी उम्र, मच्छर को संक्रामक बनने में लगने वाला समय और मच्छर की बीमारी को फैलाने की समग्र क्षमता जैसे प्रमुख लक्षणों को प्रभावित करता है, जो बीमारी फैलाने में मददगार होते हैं।
फ्लोरिडा विवि, पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी और इंपीरियल कॉलेज के शोधकर्ताओं का यह अध्ययन नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने अफ्रीका में विभिन्न वातावरणों में मलेरिया परजीवी, प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम के संचरण पर तापमान के प्रभावों का आकलन किया। अध्ययन में कई विस्तृत प्रयोगशाला प्रयोग किए। इसमें सैकड़ों मच्छरों को प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम से संक्रमित रक्त पिलाया गया फिर अलग-अलग तापमान में इनके भीतर संक्रमण और विकास दर की जांच की गई। इसके बाद नए आंकड़ों का उपयोग केन्या में चार स्थानों पर मलेरिया फैलने की क्षमता पर तापमान के प्रभावों का पता लगाने के लिए किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान बढ़ते तापमान के अनुरूप मच्छरों को अनुकूलन करते हुए देखा गया।
इसलिए खतरनाक है मलेरिया
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार दुनियाभर में 2022 में 85 देशों में मलेरिया के लगभग 24.9 करोड़ मामले सामने आए। इनमें से 6 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। अफ्रीकी क्षेत्र मलेरिया की बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित है। 2022 में इस क्षेत्र में मलेरिया 23.3 करोड़ मामले सामने आए थे, जिनमें 5 लाख 80 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस क्षेत्र में मलेरिया से होने वाली सभी मौतों में से लगभग 80 फीसदी मौतें पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की होती हैं।
चरम तापमान में घटता है मच्छर में परजीवियों का विकास
शोधकर्ताओं के अनुसार मच्छर में परजीवियों का सफल विकास चरम तापमान पर घटता है, जो संचरण के लिए ऊपरी और निचली पर्यावरणीय सीमाओं में योगदान देता है। इन परिणामों को एक सरल संचरण मॉडल में जोड़ने से पता चला है कि पहले के पूर्वानुमानों के विपरीत मलेरिया संचरण में अप्रत्याशित वृद्धि बढ़ते तापमान के कारण है। मच्छर के संक्रामक बनने में लगने वाला समय वातावरण के तापमान पर निर्भर करता है। इसके अलावा यह मलेरिया, मच्छर की प्रजाति और तनाव पर भी निर्भर करता है।