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Tripura: टिपरा मोथा का आरोप- चुनाव से पहले गठबंधन के लिए क्षेत्रीय पार्टियों को मजबूर कर रहे राष्ट्रीय दल

Sat, 15 Oct 2022 06:26 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 15 Oct 2022 06:26 PM IST
सार

टिपरा मोथा के प्रमुख प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी बड़े राजनीतिक दलों से एक भी पैसा नहीं लेगी और 2023 के विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। 

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ripura royal scion claims national parties forced tribal outfits to ally with them
टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत मानिक्य देबबर्मा - फोटो : Facebook/ Pradyot Manikya Debbarma

विस्तार

त्रिपुरा के एक क्षेत्रीय दल टिपरा मोथा ने दिल्ली और कोलकाता के राष्ट्रीय दलों पर पूर्वोत्तरी राज्य के कई स्थानीय संगठनों पर दबाव डालने का आरोप लगाया है। इसने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय दल विधानसभा चुनाव से पहले कई क्षेत्रीय पार्टियों को गठबंधन के लिए मजबूर कर रहे हैं। टिपरा मोथा के प्रमुख प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी बड़े राजनीतिक दलों से एक भी पैसा नहीं लेगी और 2023 के विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। 

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पैसे की जरूरत पड़ी तो राजमहल और गहने बेच दूंगा
उन्होंने शुक्रवार को टिपरा मोथा के महिला प्रकोष्ठ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते कहा, मैं भाजपा, कांग्रेस या माकपा जैसे राजनीतिक दलों से एक भी पैसा नहीं लूंगा। लेकिन, अगर मुझे पैसे की जरूरत पड़ी तो मैं अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए राजमाता के राजमहल और गहने बेच दूंगा। 
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देबबर्मा बोले- टीयूजेएस और आपीएफटी को गठबंधन के लिए किया मजबूर
देबबर्मा ने भाजपा और कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए कहा कि दिल्ली और कोलकाता के दबाव ने 'त्रिपुरा उपजती जुबा समिति'  (टीयूजेएस) और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) जैसे क्षेत्रीय दलों को गठबंधन के लिए मजबूर किया। 
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टिपरासा के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी टिपरा मोथा
आईपीएफटी अब भाजपा के साथ गठबंधन में है, जबकि टीयूजेएस ने पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी टिपरासा आदिवासियों के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी, जिसमें राज्य की 19 स्वदेशी जनजातियां शामिल हैं। दिल्ली से दबाव आने पर भी इस बार टिपरासा अपनी ताकत दिखाएंगे। यह 2023 के विधानसभा चुनाव में आदिवासियों पर हुए अत्याचारों का जवाब देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। 


सत्तर साल में हमें हमारा हक नही ंमिला : देबबर्मा
त्रिपुरा के शाही परिवार के वंशज देबबर्मा ने कहा, बीते सत्तर सालों में हमें विधायक, मंत्री और सांसद मिले हैं, लेकिन हमारा हक नहीं मिला। अब मुझे टिपरासा आंदोन का नेतृत्व करना होगा। चाहे मैं जीतूं या हारूं। 

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