{"_id":"6710ad0ee90b61a35d0f7f06","slug":"rg-kar-issue-junior-doctors-fast-unto-death-enters-thirteenth-day-news-in-hindi-2024-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"RG Kar Case: जूनियर डॉक्टरों का आमरण अनशन 13वें दिन भी जारी, तबीयत बिगड़ने से छह चिकित्सक अस्पताल में भर्ती","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
RG Kar Case: जूनियर डॉक्टरों का आमरण अनशन 13वें दिन भी जारी, तबीयत बिगड़ने से छह चिकित्सक अस्पताल में भर्ती
Thu, 17 Oct 2024 11:53 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 17 Oct 2024 11:53 AM IST
सार
नौ अगस्त को महिला प्रशिक्षु डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले के बाद से ही जूनियर डॉक्टर बंगाल में प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों की भूख हड़ताल की शुरुआत पांच अक्तूबर को हुई, जो दो चरणों में लगभग 50 दिनों के 'काम बंद' के बाद शुरू हुई।
विज्ञापन
आरजी कर मामला
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले में न्याय की मांग करते हुए जूनियर डॉक्टरों का अनशन 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है। जूनियर डॉक्टरों ने सरकार के सामने मृतक डॉक्टर को न्याय दिलाने और कार्यस्थलों सुरक्षा सुनिश्चित कराने और राज्य स्वास्थ्य सचिव को पद से हटाने की मांग रखी है। अबतक अनशन पर बैठे छह डॉक्टरों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में आठ डॉक्टर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं।
जूनियर डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने मृतक महिला डॉक्टर को न्याय दिलाने और राज्य स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम को पद से हटाने की मांग की है। उनकी अन्य मांगों में राज्य के सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के लिए एक केंद्रीकृत रेफरल प्रणाली की स्थापना, एक बिस्तर रिक्ति निगरानी प्रणाली की शुरुआत, कार्यस्थलों पर सीसीटीवी, ऑन-कॉल रूम और वॉशरूम के लिए आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए टास्क फोर्स का गठन शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पतालों में पुलिस सुरक्षा और महिला पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने और डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों को तेजी से भरने की भी मांग की।
नौ अगस्त को महिला प्रशिक्षु डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले के बाद से ही जूनियर डॉक्टर बंगाल में प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों की भूख हड़ताल की शुरुआत पांच अक्तूबर को हुई, जो दो चरणों में लगभग 50 दिनों के 'काम बंद' के बाद शुरू हुई। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से स्थिति बिगड़ने से पहले हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था।
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला?
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना नौ अगस्त की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। आठ अगस्त को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला। घटना के दूसरे दिन सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
जूनियर डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने मृतक महिला डॉक्टर को न्याय दिलाने और राज्य स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम को पद से हटाने की मांग की है। उनकी अन्य मांगों में राज्य के सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के लिए एक केंद्रीकृत रेफरल प्रणाली की स्थापना, एक बिस्तर रिक्ति निगरानी प्रणाली की शुरुआत, कार्यस्थलों पर सीसीटीवी, ऑन-कॉल रूम और वॉशरूम के लिए आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए टास्क फोर्स का गठन शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पतालों में पुलिस सुरक्षा और महिला पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने और डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों को तेजी से भरने की भी मांग की।
विज्ञापन
नौ अगस्त को महिला प्रशिक्षु डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले के बाद से ही जूनियर डॉक्टर बंगाल में प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों की भूख हड़ताल की शुरुआत पांच अक्तूबर को हुई, जो दो चरणों में लगभग 50 दिनों के 'काम बंद' के बाद शुरू हुई। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से स्थिति बिगड़ने से पहले हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था।
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला?
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना नौ अगस्त की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। आठ अगस्त को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला। घटना के दूसरे दिन सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।
संबंधित वीडियो