{"_id":"57ef46ca4f1c1bcb4b57444e","slug":"retiring-pakistan-army-chief-raheel-may-seek-bloody-hurrah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जनरल राहील शरीफ की अगली चाल को लेकर चौकन्ना है भारत ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जनरल राहील शरीफ की अगली चाल को लेकर चौकन्ना है भारत
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 01 Oct 2016 11:48 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : Getty Images file
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सेना की ओर से आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत चौकन्ना है। दरअसल, पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल राहील शरीफ इसी साल नवंबर में रिटायर होने वाले हैं और आशंका जताई जा रही है कि भारत के खिलाफ घृणा भाव रखने वाले राहील शरीफ सीमा पर कुछ खूनी खेल कर सकते हैं।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जनरल शरीफ एंटी इंडिया एजेंडा रखते हैं और पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद चुपचाप रिटायर नहीं होना चाहेंगे। हाल के सालों में जनरल राहील शरीफ ने स्वयं को आतंक और भ्रष्टाचार के खिलाफ योद्धा के रूप में पेश किया है। कई मुद्दों पर राहील शरीफ ने प्रधानमंत्री नवाज की बातें मानने से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए जनरल शरीफ भारत के खिलाफ काउंटर एक्शन ले सकते हैं।
दूसरी ओर नवाज शरीफ भी राहील शरीफ के पलटवार को देखना चाहेंगे। वहीं राहील शरीफ के बाद चार लेफ्टिनेंट जनरल उनकी जगह लेने को तैयार बैठे हैं, अगर नवाज शरीफ अपने प्लान में कामयाब रहे, तो बहावलपुर के 31 कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल जावेद इकबाल रामडे आर्मी की कमान संभाल सकते हैं।
विज्ञापन
एक अधिकारी ने कहा, 'अगले जनरल के लिए संभावितों में वरिष्ठता के क्रम में रामडे का नंबर तीसरा है, लेकिन उनके परिवार का नवाज पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के साथ रिश्ते हैं। अन्य तीन जनरलों में जुबैर महमूद हयात (चीफ ऑफ जनरल स्टॉफ), इशफाक नदीम अहमद (मुल्तान में चीफ ऑफ 2 कॉर्प्स) और कमर जावेद बाजवा (आई-जी ट्रेनिंग और इवैल्यूशन) हैं।
विज्ञापन
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जनरल शरीफ एंटी इंडिया एजेंडा रखते हैं और पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद चुपचाप रिटायर नहीं होना चाहेंगे। हाल के सालों में जनरल राहील शरीफ ने स्वयं को आतंक और भ्रष्टाचार के खिलाफ योद्धा के रूप में पेश किया है। कई मुद्दों पर राहील शरीफ ने प्रधानमंत्री नवाज की बातें मानने से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए जनरल शरीफ भारत के खिलाफ काउंटर एक्शन ले सकते हैं।
विज्ञापन
दूसरी ओर नवाज शरीफ भी राहील शरीफ के पलटवार को देखना चाहेंगे। वहीं राहील शरीफ के बाद चार लेफ्टिनेंट जनरल उनकी जगह लेने को तैयार बैठे हैं, अगर नवाज शरीफ अपने प्लान में कामयाब रहे, तो बहावलपुर के 31 कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल जावेद इकबाल रामडे आर्मी की कमान संभाल सकते हैं।
विज्ञापन
एक अधिकारी ने कहा, 'अगले जनरल के लिए संभावितों में वरिष्ठता के क्रम में रामडे का नंबर तीसरा है, लेकिन उनके परिवार का नवाज पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के साथ रिश्ते हैं। अन्य तीन जनरलों में जुबैर महमूद हयात (चीफ ऑफ जनरल स्टॉफ), इशफाक नदीम अहमद (मुल्तान में चीफ ऑफ 2 कॉर्प्स) और कमर जावेद बाजवा (आई-जी ट्रेनिंग और इवैल्यूशन) हैं।
जनरल शरीफ की प्रतिष्ठा को धक्का
पाकिस्तान में भारत के पूर्व राजदूत जी पार्थसारथी ने कहा, 'जनरल शरीफ थोड़े अहंकारी हो गए हैं और नवाज शरीफ के साथ उनका छत्तीस का आंकड़ा है। हालांकि जनरल शरीफ की प्रतिष्ठा और शान को पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद धक्का लगा है।'
उन्होंने कहा कि जनरल शरीफ के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है और भारत के खिलाफ उनकी घृणा (राहील शरीफ के चाचा 1965 की लड़ाई मारे गए, जबकि उनका भाई 1971 की लड़ाई में मारा गया), कुछ भी करा सकती है। ऐसे में भारत को तैयार रहना होगा।
नवाज शरीफ ने बतौर प्रधानमंत्री अब तक पांच आर्मी चीफ चुने हैं, इनमें जनरल परवेज मुशर्रफ (1998) और जनरल शरीफ भी शामिल हैं। 1999 में जनरल परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ का तख्ता पलट दिया और उन्हें सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि जनरल शरीफ के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है और भारत के खिलाफ उनकी घृणा (राहील शरीफ के चाचा 1965 की लड़ाई मारे गए, जबकि उनका भाई 1971 की लड़ाई में मारा गया), कुछ भी करा सकती है। ऐसे में भारत को तैयार रहना होगा।
नवाज शरीफ ने बतौर प्रधानमंत्री अब तक पांच आर्मी चीफ चुने हैं, इनमें जनरल परवेज मुशर्रफ (1998) और जनरल शरीफ भी शामिल हैं। 1999 में जनरल परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ का तख्ता पलट दिया और उन्हें सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी।
पाकिस्तान आर्मी ही मुख्य ड्राइवर
पिछले कुछ सालों में इस्लामाबाद की कश्मीर नीति के पीछे पाकिस्तान आर्मी ही मुख्य ड्राइवर है। भारत में घुसपैठ और कश्मीर में खूनी हस्तक्षेप के साथ पाकिस्तान आर्मी एक मोटिवेटेड फोर्स बनी हुई है।
पार्थसारथी ने कहा कि अगर नवाज शरीफ नवंबर में राहील शरीफ को विदा कर नया सेनाध्यक्ष चुनते हैं, तब भी भारत के लिए यह बहुत खुशी की बात नहीं है। भारत के खिलाफ पाकिस्तान आर्मी का प्रोफेशनल द्वेष जारी रहेगा। हालांकि यह उतना निजी नहीं होगा, जितना जनरल शरीफ के कार्यकाल में।
पार्थसारथी ने कहा कि अगर नवाज शरीफ नवंबर में राहील शरीफ को विदा कर नया सेनाध्यक्ष चुनते हैं, तब भी भारत के लिए यह बहुत खुशी की बात नहीं है। भारत के खिलाफ पाकिस्तान आर्मी का प्रोफेशनल द्वेष जारी रहेगा। हालांकि यह उतना निजी नहीं होगा, जितना जनरल शरीफ के कार्यकाल में।