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Kolkata Case: 'काम पर लौटें, न्याय सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ें', IMA प्रमुख की विरोध कर रहे डॉक्टरों से अपील

Wed, 04 Sep 2024 09:20 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 04 Sep 2024 09:20 PM IST
सार

Kolkata Case: आईएमए प्रमुख ने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले ने देश की अंतररात्मा को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा, पूरे देश में इस बात को लेकर गम और गुस्सा है कि वह एक उभरती हुई डॉक्टर थीं और वह अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थीं। पूरे देश ने उसे अपनी बेटी मान लिया है। 

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Resume work leaving justice to SC, IMA chief urges docs protesting Kolkata rape-murder incident
कोलकाता की घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकालते चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच, भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के अध्यक्ष डॉक्टर आर.वी. असोकन ने बुधवार को सभी डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की। 

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एक बयान में आईएमए प्रमुख ने कहा, आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले ने देश की अंतररात्मा को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा, पूरे देश में इस बात को लेकर गम और गुस्सा है कि वह एक उभरती हुई डॉक्टर थीं और वह अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थीं। पूरे देश ने उसे अपनी बेटी मान लिया है। 
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देशभर में डॉक्टरों के विरोध का हवाला देते हुए डॉ. असोकन ने कहा कि मेडिकल समुदाय सही मायनों में गुस्से में है। उन्होंने कहा कि रेजीडेंट डॉक्टर गहरे गम और गुस्से के साथ सड़कों पर उतर आए और आईएमए ने आपातकालीन देखभाल को छोड़कर चौबीस घंटे मेडिकल सेवाएं रोकने का आह्वान किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यबल का गठन किया है। 

डॉ. असोकन ने कहा, कोर्ट ने डॉक्टरों से कहा कि हम पर भरोसा करो। स्वास्थ्य सेवाओं को नहीं रोकना चाहिए। शीर्ष कोर्ट ने अपनी बात रखी है। भारत के नागरिक के रूप में पूरे चिकित्सा समुदाय को कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, रोगी देखभाल और सुरक्षा चिकित्सा पेशे की प्राथमिक चिंता है। आधुनिक चिकित्सा के सभी डॉक्टरों को न्याय सुप्रीम कोर्ट पर छोड़कर मरीजों की देखभाल के लिए लौटना चाहिए। 
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