देखना है क्या गुल खिलाती है ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस
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कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी में लगातार बड़ा बदलाव ला रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष ने पिछले साल ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस (एआईपीसी) के गठन को अपनी मंजूरी दी थी। इसके पीछे कांग्रेस अध्यक्ष की सोच पढ़े-लिखे, मध्य वर्ग के युवा प्रोफेशनल्स से लेकर बुद्धिजीवियों को भुनाने की थी। कांग्रेस पार्टी के इस आंतरिक संगठन को गठित हुए एक साल होने वाला है। देखना है आगे यह संगठन क्या गुल खिलाता है।
शशि थरूर के हाथ में है कमान
ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस का अध्यक्ष लोकसभा सदस्य और पूर्व विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर को बनाया गया है। राज्यसभा सदस्य संजय सिंह की पत्नी और उप्र सरकार की पूर्व मंत्री अमीता सिंह इसकी संयोजक हैं। वहीं सैफुद्दीन सोज के बेटे सलमान सोज इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं। एआईपीसी अब तक तीन-चार कार्यक्रम कर चुका है। इसके कार्यक्रमों में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस चेमेलेश्वर, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत अन्य शरीक हो चुके हैं।
इसी क्रम में एआईपीसी 30 नवंबर को दिल्ली के सीरीफोर्ट ऑडिटोरियम में एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोलने की तैयारी कर रहा है। सलमान सोज बताते हैं कि दिल्ली के इस कार्यक्रम के बाद मुंबई में औद्योगिक और व्यवसायिक घरानों के साथ, बेंगलुरू में आईटी प्रोफेशनल्स के विषय पर तथा चेन्नई में चिकित्सा क्षेत्र को लेकर बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राज्यों में क्षेत्रीय स्तर पर क्षेत्रीय मुद्दों को केंद्र में रखकर कार्यक्रम होंगे। ताकि 2019 से पहले मोदी सरकार को कड़ी चुनौती दी जा सके।
30 नवंबर को होगा मोदी सरकार पर बड़ा हमला
30 नवंबर 2018 को एआईपीसी सीरीफोर्ट में मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोलेगी। इसमें शशि थरूर, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद, मनीष तिवारी, कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, सांसद सुष्मिता देव, अभिषेक मनु सिंघवी केंद्र सरकार के साढ़े चार साल के कामकाज का भंडाफोड़ करेंगे।
इस कार्यक्रम की थीम भी- क्या भारत को पुन: परिभाषित किया जा रहा है?, रखी गई है। इस बारे में सलमान सोज कहते हैं कि जब मोदी सरकार सत्ता में आई थी तो वह मान चुके थे कि 10 साल प्रधानमंत्री का नेतृत्व सत्ता में बना रहेगा, लेकिन जिस तरह से सरकार तानाशाही भरा रवैया और गलत नीतियों का प्रदर्शन करके साढ़े चार साल में फेल हुई है, उससे कांग्रेस का हौसला काफी बढ़ गया है।