मुंबई: रेजिडेंट डॉक्टरों ने लगाई काली पट्टी, क्वारंटीन को लेकर जारी सर्कुलर का विरोध
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देश में कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में रेजिडेंट डॉक्टरों ने बीएमसी प्रशासन द्वारा जारी नए सर्कुलर के खिलाफ शनिवार को काली पट्टी लगाकर विरोध जताया। नए सर्कुलर में जारी निर्देश के मुताबिक, कोविड-19 मरीज का इलाज कर रहे डॉक्टरों को केवल एक दिन की ही छुट्टी मिलेगी उसके बाद उन्हें नॉन-कोविड एरिया में लगातार काम करना होगा।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा सात सितंबर को जारी सर्कुलर में कहा है कि 'ऐसा कुशल जनशक्ति का उपयोग करने और जूनियर डॉक्टरों को अधिक परिश्रम से बचाने के लिए किया गया है।' बीएमसी का यह निर्देश 10 सितंबर से लागू हो गया है।
दरअसल, पहले नियम था कि कोरोना ड्यूटी के बाद डॉक्टरों को सात दिन का क्वारंटीन मिलता था। लेकिन अब प्रशासन ने सिर्फ एक दिन का कर दिया है। जिसका रेजीडेंट डॉक्टर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनके लिए खतरा बढ़ गया है।
Resident doctors in Mumbai wear black ribbons in protest against the administration's circular directing only one day leave for doctors treating #COVID19 patients before they are shifted to regular duties as opposed to the earlier rule of 7-day quarantine for them. pic.twitter.com/jTghJpscHS
— ANI (@ANI) September 12, 2020
बता दें कि इससे पहले रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रशासन से मांग की थी कि सात दिन काम करने के बाद उन्हें कम से कम छह दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाए। ऐसा न होने से न केवल डॉक्टरों में बीमारी फैलने का डर रहेगा, बल्कि इसका स्वास्थकर्मियों पर नकारात्मक असर भी पड़ सकता है।
मुंबई में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और हेल्थ वर्कर्स की इस तुलना में कमी को देखते हुए हाल ही में बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी किया था। इसके अनुसार, कोरोना ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों को पांच दिन काम के बाद दो दिन क्वारंटीन में रहना होगा, जबकि उसके बाद फिर से उन्हें काम पर लौटना होगा।
डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए आयुष के डॉक्टरों का इस्तेमाल करने के साथ ही पेरीफेरल में काम करने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों को भी कोविड ड्यूटी में लगाया जा सकता है।