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खोज: वैज्ञानिकों ने खोला नया रहस्य, आर्गेनिक और प्राकृतिक आहार 25 फीसदी तक बढ़ाते हैं गर्भधारण की संभावना

Sat, 25 Oct 2025 07:53 AM IST
लव गौर अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: लव गौर Updated Sat, 25 Oct 2025 07:53 AM IST
सार

रिसर्च में पाया गया है कि जिन महिलाओं ने आर्गेनिक और प्राकृतिक भोजन लिया उनमें गर्भधारण की संभावना 18 से 25 फीसदी बढ़ गई। ऑर्गेनिक और प्राकृतिक भोजन लेने वाली माताओं से जन्मे बच्चों में इम्यून सिस्टम (प्रतिरोधक क्षमता) सामान्य तौर पर बेहद मजबूत पाया गया है।

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Research: Organic and natural diets increase the chances of conception by 25 percent
आर्गेनिक और प्राकृतिक आहार 25 फीसदी तक बढ़ाते हैं गर्भधारण की संभावना - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

मानव विकास की कहानी केवल बुद्धि और तकनीक की नहीं बल्कि ऊर्जा, ताकत और प्राकृतिक सामंजस्य की भी है। खासकर तब, जब बात प्रजनन की आती है। नवीनतम मानवविज्ञान और जैविक अनुसंधान यह संकेत दे रहे हैं कि शिकारी मैदानों (हंटर फील्ड्स) में मनुष्य की शारीरिक क्षमता, ऊर्जा व्यय और ताकत, गर्भधारण की संभावना व चयन के मनोवैज्ञानिक तंत्र को गहराई से प्रभावित करती रही है।
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अब आधुनिक अनुसंधान यह भी जोड़ता है कि शरीर सौष्ठव, ऑर्गेनिक और प्राकृतिक भोजन पद्धति उसी जैविक लय की आधुनिक अभिव्यक्ति है। यानी जब शरीर अपनी ऊर्जा को कृत्रिम रसायनों से मुक्त रखता है, तब प्रजनन संकेत और हार्मोनल संतुलन अधिक स्वाभाविक रूप से सक्रिय होते हैं। यह भी पाया गया कि जिन महिलाओं ने आर्गेनिक और प्राकृतिक भोजन लिया उनमें गर्भधारण की संभावना 18 से 25 फीसदी बढ़ गई।
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अमेरिका के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के ह्यूमन इवोल्यूशनरी बायोलॉजी डिपार्टमेंट और यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के रीप्रोडक्टिव इकोलॉजी सेंटर द्वारा प्रकाशित संयुक्त अध्ययन नेचर हुमन बिहेवियर 2025 के अनुसार मानव समाज के आरंभिक हंटर-गैदरर युग में ऊर्जा व्यय और शारीरिक शक्ति का सीधा संबंध गर्भधारण की दर से पाया गया है। शोध में यह पाया गया कि जिन महिलाओं का शरीर ऊर्जा-संतुलन में था यानी न तो अत्यधिक वसा, न अत्यधिक परिश्रम उनमें अंडोत्सर्जन (ओव्यूलेशन) की संभावना अधिक थी। वहीं पुरुषों में उच्च सहनशक्ति, मजबूत हड्डी घनत्व और लंबे शिकार अभियानों से लौटने के बाद हार्मोनल स्तर में वृद्धि गर्भधारण के अवसर बढ़ाती थी।
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बच्चों का इम्यून सिस्टम भी होता है बेहद मजबूत
ऑर्गेनिक और प्राकृतिक भोजन लेने वाली माताओं से जन्मे बच्चों में इम्यून सिस्टम (प्रतिरोधक क्षमता) सामान्य तौर पर बेहद मजबूत पाया गया है। स्वीडन के कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट और यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के संयुक्त अध्ययन  में यह निष्कर्ष सामने आया कि ऐसी माताओं के बच्चों में जन्म के बाद संक्रमण, एलर्जी और अस्थमा जैसी स्थितियां औसतन 40 से 45 प्रतिशत कम देखी गईं।


हार्मोनल संतुलन बढ़ाता है अंडा निर्माण
हार्वर्ड टीएच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं का आहार अधिकतर जैविक (ऑर्गेनिक) और प्राकृतिक स्रोतों से था, जैसे बिना कीटनाशक वाले फल, साबुत अनाज, हरी सब्जियां, नट्स, उबला हुआ मीट और प्राकृतिक प्रोटीन उनमें गर्भधारण की संभावना 18 से 25 प्रतिशत अधिक देखी गई। यह अंतर इसलिए होता है क्योंकि ऑर्गेनिक आहार में एंडोक्राइन डिस्टर्बर बहुत कम होते हैं। ये वही रसायन हैं जो हार्मोनल संतुलन और अंडोत्सर्जन को प्रभावित कर सकते हैं। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रजनन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. एलेना फिशर कहती हैं,प्रजनन केवल जैविक प्रक्रिया नहीं, शरीर की ऊर्जा और हार्मोनल सामंजस्य का परिणाम है। जब आप अपने भोजन से रासायनिक भार कम करते हैं तो शरीर प्राकृतिक प्रजनन संकेतों को बेहतर ढंग से पहचानने लगता है।
 
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